Haldwani: उत्तराखंड राज्य आंदोलनकारी परिषद के अध्यक्ष हुकम सिंह कुँवर से सोमवार को हल्द्वानी स्थित कैंप कार्यालय में राज्य आंदोलनकारियों के प्रतिनिधिमंडल ने मुलाकात कर आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने विशेष रूप से उत्तराखंड लोक सेवा आयोग (UKPSC) की अधिसूचना में राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों को मिलने वाले 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण को स्पष्ट एवं प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए आवश्यक संशोधन की मांग उठाई।
प्रतिनिधिमंडल ने परिषद अध्यक्ष को बताया कि वर्तमान अधिसूचना में तकनीकी एवं प्रक्रियागत कमियों के कारण पात्र अभ्यर्थियों को कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है, जिससे उनके वैधानिक अधिकार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने आयोग से तत्काल आवश्यक संशोधन कर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी करने तथा भविष्य की सभी भर्ती परीक्षाओं में 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ बिना किसी भ्रम के सुनिश्चित करने की मांग की।
बैठक में राज्य आंदोलनकारियों के सम्मान, चिकित्सा सुविधाओं, सरकारी अतिथि गृहों में ठहरने की व्यवस्था, परिवहन सुविधाओं सहित अन्य लंबित मांगों पर भी विस्तार से चर्चा हुई। प्रतिनिधिमंडल ने इन सभी समस्याओं के शीघ्र समाधान की आवश्यकता पर जोर दिया।
परिषद अध्यक्ष हुकम सिंह कुँवर ने प्रतिनिधिमंडल को आश्वस्त किया कि राज्य आंदोलनकारियों एवं उनके आश्रितों के हितों की रक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि जिन मामलों में शासन स्तर या उत्तराखंड लोक सेवा आयोग से कार्रवाई अपेक्षित है, उन्हें संबंधित विभागों के समक्ष प्रभावी ढंग से रखा जाएगा और समस्याओं के समाधान के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।
बैठक में आंदोलनकारियों ने कहा कि उत्तराखंड राज्य का गठन आंदोलनकारियों के संघर्ष और बलिदान का परिणाम है, इसलिए सरकार को उनके अधिकारों और सुविधाओं को समयबद्ध तरीके से सुनिश्चित करना चाहिए। इस दौरान डॉ. गणेश उपाध्याय, पूर्व दर्जा राज्य मंत्री हरीश पनेरू, पीसी शर्मा, एसके नैय्यर, जगमोहन चिलवाल, डॉ. बालम सिंह बिष्ट, बीएस रौतेला, अवतार सिंह बिष्ट, नरेश चंद्र कांडपाल, दीपक चनौदिया, कार्तिक चंद्र दास सहित कई आंदोलनकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
