Haldwani: नैनीताल जिले के बेतालघाट में पंचायत चुनाव के दौरान हुई फायरिंग मामले में फरार चल रहे तीन आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। सोमवार को नैनीताल पुलिस ने उत्तर प्रदेश के लखीमपुर जिले के भीरा कस्बे के मुख्य बाजार से आरोपियों को गन प्वाइंट पर दबोच लिया।
पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपियों की गिरफ्तारी उस समय हुई जब वे थार गाड़ी से बाजार पहुंचे और एक मेडिकल स्टोर पर दवाइयां लेने लगे। तभी अचानक सिविल ड्रेस में मौजूद बेतालघाट थाना प्रभारी अनीस अहमद और एसटीएफ की टीम ने उन्हें दबोच लिया। इस दौरान आसपास भगदड़ जैसी स्थिति बन गई। हालांकि, जब लोगों को पता चला कि यह कार्रवाई उत्तराखंड पुलिस कर रही है, तब स्थिति सामान्य हुई।

लखीमपुर के भीरा थाना प्रभारी गोपाल नारायण सिंह ने बताया कि गिरफ्तार तीनों आरोपी नैनीताल जिले के निवासी हैं और उन्हें उत्तराखंड पुलिस अपने साथ लेकर चली गई है।
गौरतलब है कि 14 जुलाई को बेतालघाट में ब्लॉक प्रमुख के चुनाव के दौरान मतदान केंद्र पर एक प्रत्याशी समर्थक ने प्रतिद्वंद्वी खेमे पर पिस्टल से कई राउंड फायर झोंक दिए थे। इस फायरिंग में महेंद्र सिंह बिष्ट गंभीर रूप से घायल हो गए थे, जिससे मतदान केंद्र में अफरा-तफरी मच गई थी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए थे।
इस मामले में पुलिस पहले ही छह आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके दो वाहनों को सीज कर चुकी है। गिरफ्तार आरोपियों में दीपक सिंह रावत उर्फ लटवाल, यश भटनागर उर्फ यशु, वीरेंद्र आर्य उर्फ विक्की, रविंद्र कुमार उर्फ रवि, प्रकाश भट्ट और पंकज पपोला शामिल हैं।
घटना के बाद सियासी बवाल मचने पर राज्य निर्वाचन आयोग ने 17 अगस्त को भवाली क्षेत्राधिकारी प्रमोद शाह के खिलाफ विभागीय कार्रवाई के निर्देश दिए थे, जबकि बेतालघाट थानाध्यक्ष अनीस अहमद को सस्पेंड करने की संस्तुति शासन को भेजी गई थी।
आज लखीमपुर से पकड़े गए तीनों आरोपियों को थार गाड़ी समेत उत्तराखंड लाया जा रहा है। नैनीताल एसएसपी प्रह्लाद नारायण मीणा ने कहा कि बेतालघाट फायरिंग मामले का जल्द ही पूरा खुलासा किया जाएगा।

Chief Editor, Aaj Khabar
