Haldwani: कुमाऊं क्षेत्र में जटिल हृदय रोगों के उपचार के लिए मरीजों को बड़े शहरों का रुख करने की जरूरत अब पहले की तुलना में कम हो रही है। हल्द्वानी स्थित चंदन हॉस्पिटल में अब तक 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर सर्जिकल और इंटरवेंशनल प्रक्रियाएं की जा चुकी हैं। इनमें 100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी शामिल हैं।
अस्पताल में बच्चों के जन्मजात हृदय रोगों से लेकर वयस्क मरीजों की बाईपास सर्जरी और हृदय के वाल्व बदलने जैसी जटिल प्रक्रियाएं की जा रही हैं। बच्चों में ASD, VSD और TOF जैसे जन्मजात हृदय रोगों की सर्जरी के साथ वयस्क मरीजों में CABG, MVR, AVR और DVR जैसी प्रक्रियाएं भी की गई हैं। चयनित मरीजों में छोटे चीरे के माध्यम से मिनिमली इनवेसिव कार्डियक सर्जरी की सुविधा भी उपलब्ध है।
अस्पताल के कार्डियक सर्जरी विभाग का नेतृत्व डॉ. विकास सिंह, चेयरपर्सन कार्डियक सर्जरी कर रहे हैं। वहीं डॉ. रवि कुमार, वाइस चेयरपर्सन कार्डियक एनेस्थीसिया, जटिल हृदय सर्जरी के दौरान एनेस्थीसिया और मरीज की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। दोनों चिकित्सक पूर्व में प्रमुख चिकित्सा संस्थानों में सेवाएं दे चुके हैं।
अस्पताल के अनुसार, आयुष्मान भारत और RBSK जैसी सरकारी स्वास्थ्य योजनाओं के तहत पात्र मरीजों को उपचार का लाभ मिल रहा है। इसके अलावा पात्र मरीजों के लिए TPA और कैशलेस उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है।
कार्डियोलॉजी विभाग में कोरोनरी एंजियोग्राफी, एंजियोप्लास्टी एवं स्टेंटिंग, डिवाइस क्लोजर, पेसमेकर इम्प्लांटेशन समेत विभिन्न इंटरवेंशनल प्रक्रियाएं की जा रही हैं। ASD और VSD के चयनित मामलों में डिवाइस क्लोजर के माध्यम से उपचार की सुविधा भी उपलब्ध है। विभाग का नेतृत्व डॉ. गौरव यादव और डॉ. रजत कर रहे हैं।
अस्पताल प्रबंधन के अनुसार, कार्डियोलॉजी और कार्डियक सर्जरी सेवाओं की उपलब्धता से मरीजों को जांच, इंटरवेंशनल उपचार और आवश्यकता पड़ने पर सर्जरी की सुविधा एक ही संस्थान में मिल रही है। 300 से अधिक कार्डियोथोरेसिक एवं वैस्कुलर प्रक्रियाओं और 100 से अधिक जटिल कार्डियक सर्जरी का पूरा होना चिकित्सा टीम के सामूहिक प्रयास का परिणाम है। अस्पताल का कहना है कि कुमाऊं क्षेत्र में इन सेवाओं का विस्तार जारी रखने पर जोर दिया जा रहा है।

Chief Editor, Aaj Khabar
