Haldwani: 8 अगस्त को रामलीला मैदान में कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की जनसभा के दौरान एसएसपी कार्यालय में हुए कथित हंगामे और अभद्र व्यवहार को लेकर भाजपा ने कांग्रेस नेताओं के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने 9 अगस्त को जिला अधिकारी कैंप कार्यालय में जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के माध्यम से राज्यपाल को ज्ञापन भेजकर दोषी नेताओं के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की।
भाजपा जिलाध्यक्ष प्रताप सिंह बिष्ट ने आरोप लगाया कि कांग्रेस की जनसभा में अपेक्षा के अनुरूप भीड़ नहीं जुटने के कारण पार्टी नेताओं ने प्रशासन पर वाहनों को रोकने का झूठा आरोप लगाया और इसके बाद वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ अमर्यादित भाषा का इस्तेमाल करते हुए एसएसपी कार्यालय में हंगामा किया।
उन्होंने कहा कि संवैधानिक संस्थाओं का अपमान और एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी के प्रति अशोभनीय भाषा का प्रयोग कांग्रेस के नैतिक पतन को दर्शाता है। बिष्ट ने आरोप लगाया कि जनसभा के लिए जानबूझकर छोटा मैदान चुना गया और भीड़ कम रहने के बाद कांग्रेस नेताओं ने सरकारी कार्यालय में हंगामा कर कानून व्यवस्था को चुनौती दी।
पूर्व मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला ने रामलीला मैदान में आयोजित कांग्रेस की जनसभा के दौरान कथित तौर पर लगाए गए सनातन विरोधी नारों को लेकर कांग्रेस पर निशाना साधा। उन्होंने इसे सांप्रदायिक सोच का परिचायक बताते हुए निंदनीय बताया।
उत्तराखंड मंडी परिषद के अध्यक्ष डॉ. अनिल कपूर डब्बू ने सावन के पवित्र माह में कांग्रेस मंच से मां गंगा के कथित अपमान का मुद्दा उठाते हुए कहा कि सनातन समाज इसे स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में जनता कांग्रेस को इसका जवाब देगी।
भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने जिलाधिकारी से सरकारी मर्यादाओं का उल्लंघन करने और शांति व्यवस्था प्रभावित करने का प्रयास करने वाले कांग्रेस नेताओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ तत्काल कानूनी एवं दंडात्मक कार्रवाई की मांग की।
ज्ञापन देने वालों में प्रदेश उपाध्यक्ष राजेंद्र सिंह बिष्ट, प्रदेश कोषाध्यक्ष साकेत अग्रवाल, पूर्व मेयर डॉ. जोगेंद्र पाल सिंह रौतेला, दर्जा राज्य मंत्री डॉ. अनिल कपूर डब्बू सहित भाजपा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
