Nainital: कुमाऊं आयुक्त एवं सचिव मुख्यमंत्री दीपक रावत ने शुक्रवार को डीएसबी कैंपस स्थित हिमालय संग्रहालय का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने संग्रहालय में संरक्षित ऐतिहासिक धरोहरों, प्राचीन उपकरणों, पारंपरिक आभूषणों और विभिन्न संगीत वाद्ययंत्रों का अवलोकन कर उनकी सांस्कृतिक एवं ऐतिहासिक महत्ता को सराहा।
निरीक्षण के दौरान आयुक्त ने विभिन्न विषयों पर शोध कर रहे छात्र-छात्राओं से संवाद किया और उन्हें शोध कार्य से जुड़े महत्वपूर्ण सुझाव एवं टिप्स दिए। उन्होंने कहा कि शोध के क्षेत्र में निरंतर अध्ययन, नवीन सोच और गहन विश्लेषण बेहद जरूरी है। उन्होंने विद्यार्थियों को विषय की गहराई में जाकर कार्य करने और समाज से जुड़े शोध को प्राथमिकता देने की सलाह दी।
दीपक रावत ने कहा कि हिमालय संग्रहालय में कई महत्वपूर्ण ऐतिहासिक और सांस्कृतिक धरोहरें संरक्षित हैं, लेकिन सीमित स्थान के कारण सभी वस्तुओं का समुचित प्रदर्शन नहीं हो पा रहा है। उन्होंने संग्रहालय के विस्तार के लिए अतिरिक्त भूमि चिन्हित करने की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि ऐसे संग्रहालय नई पीढ़ी को इतिहास और संस्कृति से जोड़ने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक उपकरणों और ऐतिहासिक धरोहरों को संरक्षित रखना हमारी सांस्कृतिक जिम्मेदारी है। इससे युवाओं में अपने इतिहास और विरासत को जानने की रुचि बढ़ती है और नए विचार विकसित होते हैं।
इस दौरान संग्रहालय प्रभारी प्रो. सावित्री कैड़ा जंतवाल, प्रो. संजय घिल्डियाल, प्रो. संजय टम्टा, डॉ. मनोज बाफिला, पी.एस. अधिकारी, डॉ. भुवन चन्द्र शर्मा, डॉ. विरेन्द्र पाल सहित छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
