Haldwani: काकोरी ट्रेन एक्शन के 100 वर्ष पूरे होने पर आज सुबह 5 बजे मुखानी चौराहा से दमुवाढूंगा पंचक्की चौराहा तक प्रभात फेरी का आयोजन किया गया। इसके उपरांत आयोजित सभा में वक्ताओं ने इस ऐतिहासिक घटना के महत्व और क्रांतिकारियों के बलिदान को याद किया।
सभा में चन्दन ने कहा कि 9 अगस्त 1925 को चंद वीर क्रांतिकारियों ने देश को बराबरी पर आधारित समाज बनाने और ब्रिटिश शासकों से आजादी दिलाने के लिए इस घटना को अंजाम दिया। यह घटना ब्रिटिश साम्राज्यवाद के ताबूत में अंतिम कीलों में से एक साबित हुई और इतिहास में अमर हो गई।
टी.आर. पांडे ने कहा कि आज भी देश में शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और आवास जैसे बुनियादी सवाल अनसुलझे हैं। सरकारें जाति-धर्म के नाम पर समाज को बांटने की राजनीति कर रही हैं, जबकि बड़े पूंजीपति जनता का शोषण कर रहे हैं। ऐसे में शहीदों के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना और उनके सपनों का भारत बनाना समय की जरूरत है।
प्रभात फेरी में क्रांतिकारी लोक अधिकार संगठन और परिवर्तनकामी छात्र संगठन के कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। सभा के अंत में अशफाक उल्ला खां और राम प्रसाद बिस्मिल का प्रसिद्ध गीत “सरफरोशी की तमन्ना अब हमारे दिल में है” प्रस्तुत किया गया। संचालन मोहन मटियाली ने किया।
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Chief Editor, Aaj Khabar

