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Haldwani: आईजी कुमाऊं ने अपराध नियंत्रण को लेकर कसी कमर, 7 महीने की पुलिस कार्रवाई में 25.66 करोड़ के नशीले पदार्थ बरामद

Haldwani: आईजी कुमाऊं ने अपराध नियंत्रण को लेकर कसी कमर, 7 महीने की पुलिस कार्रवाई में 25.66 करोड़ के नशीले पदार्थ बरामद
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Haldwani: पुलिस महानिरीक्षक कुमाऊं परिक्षेत्र श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने मंगलवार को परिक्षेत्र के सभी जनपद प्रभारियों के साथ मासिक अपराध गोष्ठी कर अपराध नियंत्रण और कानून व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की। गोष्ठी में नैनीताल, ऊधमसिंहनगर, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़, चम्पावत और बागेश्वर के वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।

गोष्ठी में 46 बिंदुओं पर जनपदवार कार्रवाई की समीक्षा करते हुए आईजी ने लंबित मामलों के शीघ्र निस्तारण, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीक आधारित पुलिसिंग को मजबूत करने के निर्देश दिए।

नवीन आपराधिक कानूनों के तहत 60 और 90 दिन की समयसीमा में आरोप पत्र एवं अंतिम रिपोर्ट दाखिल करने, e-Sakshya, Zero FIR और e-Summon के प्रभावी उपयोग पर विशेष जोर दिया गया। इसके अलावा CCTNS, Secure Malkhana Portal, NCRP, MRM, GRM, Samanvaya, CIAR Portal, e-Zero FIR, Hotspot Analysis, CSEAM और Cyber Slavery जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म की प्रगति की भी समीक्षा हुई।

01 जनवरी से 31 जुलाई 2026 तक कुमाऊं परिक्षेत्र में NDPS Act के तहत 382 मुकदमे दर्ज कर 519 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें वाणिज्यिक मात्रा से जुड़े 32 मामलों में 55 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। 12 आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई की गई।

इस अवधि में पुलिस ने 45 किलो चरस, 7.338 किलो स्मैक, ब्राउन शुगर व हेरोइन, 1050.700 किलो गांजा, 4.6 किलो अफीम, 36.8 किलो डोडा, 40,257 नशीली गोलियां व कैप्सूल और 1,791 नशीले इंजेक्शन बरामद किए। बरामद मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 25 करोड़ 66 लाख 71 हजार 407 रुपये बताई गई है।

आईजी ने नशे की सप्लाई चेन तक पहुंचने, तस्करी में शामिल लोगों पर कठोर कार्रवाई करने तथा वित्तीय कार्रवाई और गैंगस्टर एक्ट के प्रभावी इस्तेमाल के निर्देश दिए।

समीक्षा के दौरान सामने आया कि कुमाऊं परिक्षेत्र में 31 जुलाई तक लूट के 94 प्रतिशत, डकैती के 100 प्रतिशत, चोरी के 76 प्रतिशत, हत्या के 96 प्रतिशत, बलात्कार के 100 प्रतिशत, वाहन लूट के 100 प्रतिशत, चैन स्नैचिंग के 79 प्रतिशत, महिला अपहरण के 96 प्रतिशत और दहेज हत्या के 93 प्रतिशत मामलों का खुलासा किया गया।

आईजी ने शेष गंभीर अपराधों के शीघ्र अनावरण के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को व्यक्तिगत पर्यवेक्षण करने के निर्देश दिए।

गुमशुदा व्यक्तियों की बरामदगी में भी पुलिस ने प्रभावी कार्रवाई की। सात माह की अवधि में 12 वर्ष से कम उम्र के 10, 12 से 18 वर्ष आयु वर्ग के 210, 299 पुरुषों और 532 महिलाओं समेत कुल 1,051 गुमशुदा व्यक्तियों को बरामद किया गया।

नाबालिगों से जुड़े मामलों में तत्काल कार्रवाई और तकनीकी संसाधनों के अधिकतम इस्तेमाल के निर्देश दिए गए।

परिक्षेत्रीय शिकायत प्रकोष्ठ को 01 जनवरी से 31 जुलाई तक कुल 1,048 शिकायतें प्राप्त हुईं, जिनमें से 905 का निस्तारण किया गया। आईजी ने लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा कर शिकायतकर्ताओं को समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण समाधान उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।

बलात्कार, पॉक्सो और एससी/एसटी एक्ट से जुड़े दो माह से अधिक समय से लंबित मामलों की समीक्षा करते हुए आईजी ने संवेदनशीलता और प्राथमिकता के साथ कार्रवाई के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि महिला और बच्चों से जुड़े अपराधों की विवेचना में अनावश्यक देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

इसके अलावा दो वर्ष से अधिक समय से लंबित अभियोगों, हत्या, डकैती, लूट, चैन स्नैचिंग, चोरी और नकबजनी के मामलों, CM Helpline पर लंबित शिकायतों, CCTNS, e-Beat व्यवस्था, लंबित वाहनों और विभागीय प्रकरणों की भी समीक्षा की गई।

आईजी कुमाऊं श्रीमती निवेदिता कुकरेती ने सभी जनपद प्रभारियों को अपराध नियंत्रण, लंबित विवेचनाओं के निस्तारण, नवीन आपराधिक कानूनों के प्रभावी क्रियान्वयन और तकनीकी संसाधनों के शत प्रतिशत उपयोग को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिसिंग का उद्देश्य आमजन को त्वरित, पारदर्शी और गुणवत्तापूर्ण सेवाएं उपलब्ध कराना है।

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