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Haryana: फरीदाबाद में 350 किलो विस्फोटक बरामद, दो डॉक्टरों पर आतंकियों से संबंध के आरोप; जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा मॉड्यूल उजागर

Haryana: फरीदाबाद में 350 किलो विस्फोटक बरामद, दो डॉक्टरों पर आतंकियों से संबंध के आरोप; जैश-ए-मोहम्मद का बड़ा मॉड्यूल उजागर
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Haryana: जम्मू-कश्मीर पुलिस ने हरियाणा के फरीदाबाद में एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 350 किलो विस्फोटक, 1 AK-47 राइफल और भारी मात्रा में गोला-बारूद बरामद किया है। यह कार्रवाई कश्मीर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में पोस्टर लगाने के आरोप में गिरफ्तार किए गए दूसरे डॉक्टर की सूचना पर की गई। जम्मू-कश्मीर और हरियाणा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई ने जैश-ए-मोहम्मद के एक संभावित बड़े आतंकी षड्यंत्र का पर्दाफाश किया है।

जैश-ए-मोहम्मद कनेक्शन और शुरुआती गिरफ्तारियां

जांच की शुरुआत 27 अक्टूबर को श्रीनगर में जैश-ए-मोहम्मद के समर्थन में लगाए गए पोस्टरों से हुई। CCTV फुटेज में दक्षिण कश्मीर के क़ाज़ीगुंड निवासी डॉक्टर आदिल अहमद को सार्वजनिक स्थानों पर ये पोस्टर चिपकाते हुए देखा गया। 6 नवंबर को श्रीनगर पुलिस ने उन्हें उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार किया, जहाँ वह मेडिसिन स्पेशलिस्ट के रूप में कार्यरत थे। इससे पहले वह अक्टूबर 2024 तक GMC अनंतनाग में सीनियर रेजिडेंट थे।

जांच तेज हुई जब उनके ऑफिस लॉकर से AK-47 राइफल बरामद हुई। इसके बाद पूरे नेटवर्क की कड़ियाँ जम्मू-कश्मीर से बाहर जुड़ने लगीं।

फरीदाबाद में 350 किलो विस्फोटक की बरामदगी

डॉ. आदिल की पूछताछ में फरीदाबाद में रह रहे डॉक्टर मुफ़ाजिल शकील का नाम सामने आया। संयुक्त टीम ने उसके किराए के फ्लैट पर छापेमारी की, जहां से एक AK-47 राइफल, लगभग 300 किलो विस्फोटक और केमिकल भरे कई बैग बरामद किए गए।

डॉ. शकील वर्तमान में फरार है और उसकी तलाश जारी है। शुरुआती जांच में यह आशंका मजबूत हुई है कि दोनों डॉक्टर एक बड़े आतंकवादी मॉड्यूल का हिस्सा हो सकते थे।

उभरता कट्टरपंथी नेटवर्क

अधिकारियों के अनुसार बरामदगी से संकेत मिलता है कि पेशेवर क्षेत्रों, विशेषकर मेडिकल सेक्टर के कुछ व्यक्तियों के कट्टरपंथी होने का संदेह है। पुलिस अब क्रॉस-बॉर्डर कनेक्शन, टेरर फंडिंग और मल्टी-स्टेट आर्म्स-ट्रैफिकिंग नेटवर्क की गहराई से पड़ताल कर रही है।

राष्ट्रीय एजेंसियों की एंट्री

विस्फोटक की भारी मात्रा के कारण राष्ट्रीय सुरक्षा एजेंसियों को भी जांच में शामिल कर लिया गया है। फॉरेंसिक जांच के बाद विस्तृत आधिकारिक बयान जारी किया जाएगा।

अधिकारियों ने बताया कि यह पूरी कार्रवाई फोन ट्रैकिंग, तकनीकी निगरानी और कई राज्यों की इंटेलिजेंस एजेंसियों के समन्वय से संभव हुई। आने वाले दिनों में और गिरफ्तारियों की संभावना है।

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