International News: अमेरिका और इजराइल द्वारा ईरान पर किए गए संयुक्त हमले का मंगलवार को चौथा दिन है। हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं और पूरे मिडिल ईस्ट में तनाव चरम पर पहुंच गया है। हवाई सेवाएं प्रभावित हैं, कच्चे तेल की कीमतों में उछाल आया है और वैश्विक बाजारों में अस्थिरता बढ़ गई है, जिसका असर भारत समेत कई देशों पर साफ दिखाई दे रहा है।
ईरान के सुप्रीम लीडर आयातुल्ला अली खामनेई की मौत के बाद हालात और विस्फोटक हो गए हैं। उनकी मौत के बाद ईरान और पश्चिमी देशों के बीच सीधा सैन्य टकराव तेज हो गया है। ईरान ने जवाबी कार्रवाई को और आक्रामक बनाते हुए अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है।
ईरानी सेना ने इजराइल के कई शहरों की ओर ताबड़तोड़ मिसाइलें दागी हैं। इन हमलों में अमेरिका और इजराइल को जान-माल का नुकसान होने की खबरें हैं, हालांकि आधिकारिक आंकड़े अभी सामने नहीं आए हैं। क्षेत्र में सायरन, ब्लैकआउट और आपातकालीन अलर्ट लगातार जारी हैं।
इसी बीच सऊदी अरब की राजधानी रियाद में स्थित अमेरिकी दूतावास को भी निशाना बनाए जाने की खबर है। हमले के बाद दूतावास परिसर में आग लग गई। हालांकि अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इस घटना में कितने लोग हताहत हुए हैं।
विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति पर जल्द नियंत्रण नहीं पाया गया तो यह संघर्ष व्यापक क्षेत्रीय युद्ध का रूप ले सकता है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था और ऊर्जा आपूर्ति पर गंभीर प्रभाव पड़ सकता है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब कूटनीतिक प्रयासों और संभावित युद्धविराम पर टिकी हैं।

Chief Editor, Aaj Khabar
