Mumbai: भारतीय सिनेमा और संगीत जगत को गहरा आघात पहुंचाते हुए दिग्गज पार्श्व गायिका आशा भोसले का रविवार को निधन हो गया। वे 92 वर्ष की थीं और पिछले कुछ दिनों से अस्वस्थ चल रही थीं। उन्हें मुंबई के कैंडी ब्रीच अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उन्होंने अंतिम सांस ली।
उनके बेटे आनंद भोसले ने निधन की पुष्टि करते हुए बताया कि सोमवार को शाम 4 बजे मुंबई के शिवाजी पार्क में पूरे राजकीय सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा। इससे पहले लोअर परेल स्थित उनके निवास ‘कासा ग्रांडे’ में सुबह 11 बजे अंतिम दर्शन के लिए रखा जाएगा।
बताया जा रहा है कि आशा भोसले लंबे समय से कमजोरी और छाती में संक्रमण से जूझ रही थीं। उनकी पोती जनाई ने एक दिन पहले ही सोशल मीडिया के माध्यम से उनके स्वास्थ्य की जानकारी साझा की थी और निजता बनाए रखने की अपील की थी।
आशा भोसले, महान गायिका लता मंगेशकर की छोटी बहन थीं और उन्होंने अपने करियर में 12,000 से अधिक गीतों को आवाज दी। उन्होंने हिंदी के अलावा मराठी, बंगाली, गुजराती, तमिल, मलयालम सहित कई भाषाओं में गायन किया और भारतीय सिनेमा की कई पीढ़ियों की अभिनेत्रियों के लिए अपनी आवाज दी।
उनके लोकप्रिय गीतों में ‘चुरा लिया है तुमने जो दिल को’, ‘अभी ना जाओ छोड़कर’, ‘इंतहा हो गई इंतजार की’ जैसे कालजयी गाने शामिल हैं, जो आज भी श्रोताओं के दिलों में बसे हुए हैं। वर्ष 2023 में उन्होंने दुबई में ‘आशा90: लाइव इन कॉन्सर्ट’ के जरिए अपने संगीत सफर का जश्न मनाया था।
अपने शानदार योगदान के लिए उन्हें राष्ट्रीय फिल्म पुरस्कार, फिल्मफेयर अवॉर्ड, दादासाहेब फाल्के सम्मान और पद्म विभूषण जैसे कई प्रतिष्ठित सम्मानों से नवाजा गया था। वे दुनिया में सबसे अधिक गाने रिकॉर्ड करने वाली गायिकाओं में भी शामिल थीं।
महाराष्ट्र के सांस्कृतिक मंत्री आशीष शेलार ने गहरा शोक व्यक्त करते हुए कहा कि आशा भोसले का जाना एक युग का अंत है। उन्होंने कहा कि उनकी कला और विरासत हमेशा आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
डॉक्टरों के अनुसार, मल्टी-ऑर्गन फेलियर के चलते उनका निधन हुआ। उनके निधन से न केवल बॉलीवुड बल्कि पूरे भारतीय संगीत जगत में शोक की लहर है।

Chief Editor, Aaj Khabar
