Nainital: जिलाधिकारी ललित मोहन रयाल के निर्देश पर नैनीताल जिले में प्रशासन ने मंगलवार को व्यापक स्तर पर स्टेशनरी और किताबों की दुकानों पर आकस्मिक निरीक्षण अभियान चलाया। परगनाधिकारियों की टीमों ने हल्द्वानी, रामनगर, नैनीताल, कोटाबाग, बेतालघाट और श्री कैंचीधाम क्षेत्रों में दुकानों की जांच कर स्कूलों और पुस्तक विक्रेताओं की गतिविधियों पर नजर रखी।
निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने यह जांच की कि कहीं विद्यालय छात्रों को किसी एक निश्चित दुकान से किताबें खरीदने के लिए बाध्य तो नहीं कर रहे हैं या फिर निजी प्रकाशकों की महंगी पुस्तकों को अनिवार्य तो नहीं बनाया जा रहा। साथ ही यह भी देखा गया कि एनसीईआरटी की पुस्तकें दुकानों पर उपलब्ध हैं या नहीं, और कहीं ग्राहकों से निर्धारित मूल्य से अधिक राशि तो नहीं वसूली जा रही।
हल्द्वानी क्षेत्र में जांच के दौरान सामने आया कि कई विद्यालयों में एनसीईआरटी के अलावा अन्य निजी प्रकाशकों की पुस्तकें भी अनिवार्य कर दी गई हैं, जिनकी कीमतें एनसीईआरटी पुस्तकों की तुलना में काफी अधिक पाई गईं। इस पर प्रशासन ने सख्ती दिखाते हुए मुख्य शिक्षा अधिकारी को संबंधित विद्यालयों के खिलाफ कार्रवाई की संस्तुति की है।
इसके अतिरिक्त निरीक्षण टीम ने विभिन्न पुस्तक विक्रेताओं से प्ले नर्सरी, एलकेजी, यूकेजी और अन्य कक्षाओं में पढ़ाई जाने वाली पुस्तकों और नोटबुक्स की सूची तथा मूल्य विवरण भी प्राप्त किया। जांच में यह भी संकेत मिले कि कई विद्यालय बिना उचित मान्यता के प्ले ग्रुप और नर्सरी कक्षाओं का संचालन कर रहे हैं। इस संबंध में शिक्षा विभाग से विस्तृत आख्या मांगी गई है।
अन्य तहसीलों जैसे नैनीताल, श्री कैंचीधाम और रामनगर में भी इसी प्रकार जांच अभियान चलाया गया, जिसमें पाई गई खामियों पर आवश्यक कार्रवाई के लिए मुख्य शिक्षा अधिकारी को निर्देशित किया गया है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के निरीक्षण आगे भी लगातार जारी रहेंगे।


Chief Editor, Aaj Khabar
