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Nainital: उत्तराखंड में न्यायिक फेरबदल, हाईकोर्ट ने जिला जज समेत कई अधिकारियों के किए बड़े पैमाने पर तबादले

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Nainital: उत्तराखंड हाईकोर्ट ने बुधवार को राज्य की न्यायिक व्यवस्था में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करते हुए जिला जज स्तर सहित बड़ी संख्या में न्यायिक अधिकारियों के स्थानांतरण किए हैं। इस व्यापक फेरबदल के तहत देहरादून, नैनीताल, टिहरी, अल्मोड़ा, पिथौरागढ़ समेत कई प्रमुख जनपदों में अधिकारियों की जिम्मेदारियां बदली गई हैं।

रजिस्ट्रार जनरल की ओर से जारी आदेश के अनुसार मजहर सुल्तान को चेयरमैन, कमर्शियल टैक्स ट्रिब्यूनल, देहरादून से जिला एवं सत्र न्यायाधीश, उत्तरकाशी नियुक्त किया गया है। वहीं नीना अग्रवाल को फैमिली कोर्ट अल्मोड़ा से जिला एवं सत्र न्यायाधीश रुद्रप्रयाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। मोनिका मित्तल को काशीपुर से देहरादून में प्रथम अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश बनाया गया है।

महेश चन्द्र कौशिवा को देहरादून में द्वितीय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, अंबिका पंत को रुड़की से उधम सिंह नगर में पॉक्सो न्यायालय का दायित्व दिया गया है। रीना नेगी को कोटद्वार से रुड़की, जबकि आशुतोष कुमार मिश्रा को उधम सिंह नगर से रुड़की स्थानांतरित किया गया है। धर्मेन्द्र सिंह अधिकारी को हाईकोर्ट से हल्द्वानी में द्वितीय एडीजे बनाया गया है।

इसके अलावा राजू कुमार श्रीवास्तव को हरिद्वार से उधम सिंह नगर, रजनी शुक्ला को देहरादून से कोटद्वार, अंजलि नोलियाल को रानीखेत से खटीमा भेजा गया है। विवेक श्रीवास्तव, सविता चमोली, मदन राम और मंजू सिंह मुंडे सहित कई अन्य अधिकारियों के पद और स्थान में भी बदलाव किया गया है।

हाईकोर्ट ने सहदेव सिंह को जिला जज रुद्रप्रयाग से हटाकर प्रमुख सचिव (विधायी एवं संसदीय कार्य) पद के लिए सिफारिश की है। वहीं गुरुबख्श सिंह को अध्यक्ष वाणिज्यिक कर न्यायाधिकरण और अश्विनी गौड़ को अपर सचिव (विधि) के पद के लिए अनुशंसित किया गया है।

सिविल जज (सीनियर डिवीजन) स्तर पर भी व्यापक फेरबदल किया गया है। योगेन्द्र कुमार सागर को बागेश्वर, रिंकी साहनी को टिहरी, रवि प्रकाश को देहरादून, मोहम्मद याकूब को अल्मोड़ा तथा रवि शंकर मिश्रा को नैनीताल में नई जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं। इसके अलावा कई न्यायिक अधिकारियों को विभिन्न जिलों में एसीजेएम और सिविल जज पदों पर स्थानांतरित किया गया है।

इस बड़े प्रशासनिक फेरबदल को न्यायिक कार्यप्रणाली को और अधिक प्रभावी एवं संतुलित बनाने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है। राज्य के विभिन्न जिलों में न्यायिक कार्यों में तेजी और पारदर्शिता लाने के उद्देश्य से यह निर्णय लिया गया है।

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