Uttarkashi: उत्तरकाशी जिले के चिन्यालीसौड़ में बुधवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया जब नगर पालिका अध्यक्ष मनोज कोहली भ्रष्टाचार जांच से नाराज होकर आर्च ब्रिज पर चढ़ गए। उन्होंने जिलाधिकारी को मौके पर बुलाने की मांग करते हुए चेतावनी दी कि मांग पूरी होने तक वह नीचे नहीं उतरेंगे। इस घटना से पूरे क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया और मौके पर बड़ी संख्या में लोग इकट्ठा हो गए।
दरअसल, पिछले चार दिनों से नगर पालिका के सभासद अध्यक्ष पर वित्तीय अनियमितताओं और पद के दुरुपयोग के आरोप लगाते हुए धरना प्रदर्शन कर रहे थे। सभासदों ने टेंडर प्रक्रिया में पारदर्शिता, अध्यक्ष के वित्तीय अधिकार सीज करने और ईओ के स्थानांतरण सहित छह सूत्रीय मांगें उठाई थीं। मामले को गंभीरता से लेते हुए डीएम प्रशांत आर्या ने जांच के आदेश जारी किए और एसडीएम डुंडा की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय टीम गठित कर सात दिनों में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए।
इसी जांच से नाराज होकर अध्यक्ष मनोज कोहली ने बुधवार को चिन्यालीसौड़ के आर्च ब्रिज पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। उन्होंने डीएम को मौके पर बुलाने की मांग रखी। सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस टीम मौके पर पहुंची और उन्हें समझाने का प्रयास किया।
इससे पहले मंगलवार को प्रभारी मंत्री सौरभ बहुगुणा के प्रतिनिधि रामसुंदर नौटियाल धरना स्थल पर पहुंचे थे और सभासदों को आश्वासन दिया था कि उनकी मांगों पर कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सभासदों ने अपना धरना समाप्त कर दिया था। वहीं शहरी विकास निदेशक विनोद गोस्वामी ने ईओ वीरेंद्र सिंह पंवार को तत्काल प्रभाव से निदेशालय में अटैच करने के आदेश भी जारी कर दिए थे।
जिस आर्च ब्रिज पर यह पूरा घटनाक्रम हुआ, वह भागीरथी नदी पर बना प्रदेश का प्रमुख पुल है, जो दिचली-गमरी और टिहरी क्षेत्र के करीब 40 गांवों को जोड़ता है। वर्ष 2012 में स्वीकृत यह पुल लगभग 162 मीटर लंबा है और इसके बनने से हजारों ग्रामीणों की आवाजाही आसान हुई है।
प्रशासन के सामने अब चुनौती यह है कि स्थिति को शांतिपूर्ण तरीके से संभाला जाए और जांच प्रक्रिया को निष्पक्ष रूप से आगे बढ़ाया जाए।

Chief Editor, Aaj Khabar
