Uttarkashi: चारधाम यात्रा अपने अंतिम पड़ाव की ओर बढ़ रही है। गंगोत्री और यमुनोत्री धाम के कपाट बंद होने की तिथियां तय हो गई हैं। परंपरा के अनुसार 22 अक्टूबर को गंगोत्री धाम के कपाट विधिविधान के साथ बंद होंगे, जबकि 23 अक्टूबर को भाई दूज के अवसर पर यमुनोत्री धाम के कपाट शीतकाल के लिए बंद कर दिए जाएंगे। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है।
धार्मिक परंपरा के अनुसार कपाट बंद करने के शुभ मुहूर्त की घोषणा दशहरे के दिन होगी। गंगोत्री और यमुनोत्री मंदिर समितियों ने तैयारियां शुरू कर दी हैं। कपाट बंद होने के बाद देवी-देवताओं की डोलियां शीतकालीन स्थलों की ओर प्रस्थान करेंगी। मां गंगा की डोली मुखबा गांव और मां यमुना की डोली खरसाली गांव में विराजमान होगी।
कपाट बंद होने की प्रक्रिया के दौरान विशेष पूजा-अर्चना और भजन-कीर्तन का आयोजन होगा। इस वर्ष भी चारधाम यात्रा ने लाखों श्रद्धालुओं को आकर्षित किया है और कपाट बंद होने से पहले यात्रियों की भीड़ और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। मंदिर समितियों ने तीर्थयात्रियों से अपील की है कि वे समय से पहले धामों के दर्शन कर लें। वहीं, जिला प्रशासन ने यात्रा मार्गों पर सुरक्षा और सुविधाओं की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

Chief Editor, Aaj Khabar
