Nainital: हाल ही में संपन्न हुए ज़िला पंचायत चुनावों के दौरान जिस तरह की अराजकता सामने आई, उसने पूरे उत्तराखंड की राजनीति को झकझोर दिया है। पुलिस की मौजूदगी में दिनदहाड़े जिला पंचायत सदस्यों के अपहरण की घटनाओं ने लोकतांत्रिक मूल्यों और सामाजिक मर्यादाओं पर गहरा प्रश्नचिह्न लगा दिया है।
स्थानीय जनप्रतिनिधियों और आम नागरिकों ने इसे उत्तराखंड की पहचान, संस्कृति और संस्कारों पर अभूतपूर्व आघात बताया है। लोगों का कहना है कि न्याय के देवता गोल्ज्यू की इस भूमि पर अन्याय को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जा सकता।
चुनावों के दौरान हुई इस घटना को लेकर आमजन का विश्वास है कि नैनीताल उच्च न्यायालय इस प्रकरण की अनदेखी नहीं करेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित होगी।
जनता ने यह भी स्मरण कराया कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी स्वयं चम्पावत से आते हैं, जो गोल्ज्यू की जन्म और कर्मभूमि मानी जाती है। ऐसे में जनता को विश्वास है कि सरकार और न्यायपालिका मिलकर इस मामले में न्याय दिलाएंगे।
लोगों का कहना है कि देवभूमि में अन्याय कभी पनप नहीं सकता और गोल्ज्यू देवता हर अन्याय पर न्याय की गूंज बुलंद करेंगे।

Chief Editor, Aaj Khabar
