New Delhi: एयर इंडिया के ड्रीमलाइनर विमान AI-171 की 12 जून को अहमदाबाद से उड़ान भरते ही हुई दुर्घटना पर विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (एएआईबी) की प्रारंभिक रिपोर्ट सामने आ गई है। इस रिपोर्ट में हादसे की भयावहता और तकनीकी गड़बड़ी के चौंकाने वाले पहलुओं को उजागर किया गया है।
एएआईबी द्वारा जारी 15 पन्नों की रिपोर्ट के अनुसार, टेकऑफ के मात्र तीन सेकंड बाद विमान के दोनों इंजनों के ईंधन नियंत्रण स्विच अचानक बंद हो गए थे। जांच से यह सामने आया कि स्विच एक-एक सेकंड के अंतराल पर अनजाने या असावधानीवश कट-ऑफ हो गए, जिससे विमान को आवश्यक थ्रस्ट नहीं मिल सका और वह तेजी से नीचे गिरने लगा।
विमान में 229 यात्री, 12 चालक दल के सदस्य और ज़मीन पर मौजूद 19 लोग मारे गए, जबकि एक यात्री चमत्कारिक रूप से बच गया। जांच रिपोर्ट के अनुसार, उड़ान भरने के 90 सेकंड के भीतर ही यह हादसा हुआ।
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कॉकपिट वॉयस रिकॉर्डर के मुताबिक, एक पायलट ने दूसरे से पूछा, “आपने विमान क्यों बंद कर दिया?” जवाब मिला, “मैंने नहीं किया।” यह संवाद स्पष्ट करता है कि ईंधन स्विच बंद होना किसी मानवीय त्रुटि या तंत्र की विफलता का संकेत देता है।
पायलटों ने इंजन दोबारा चालू करने का प्रयास किया, जिसमें एक इंजन शुरू हुआ लेकिन दूसरे में थ्रस्ट नहीं मिला। इसके बाद विमान ने गति खो दी और निर्धारित ऊंचाई प्राप्त नहीं कर सका। पायलटों द्वारा ‘मेयडे’ संदेश भी अंतिम क्षणों में भेजा गया।
विमान ने बीजे मेडिकल कॉलेज छात्रावास समेत पांच इमारतों को टक्कर मारी, जिससे भारी क्षति हुई। हादसे के पांच मिनट के भीतर राहत व बचाव कार्य शुरू कर दिए गए, लेकिन आपातकालीन ट्रांसमीटर सक्रिय नहीं हुआ। मलबा एक हजार फीट तक फैल गया था।
VT-ANB पंजीकृत यह ड्रीमलाइनर विमान 2013 में लाया गया था और हाल में इसका नियमित रखरखाव हुआ था। ईंधन गुणवत्ता, तकनीकी प्रणाली और उड़ान नियंत्रणों में किसी गड़बड़ी की सूचना नहीं थी।
पायलट कैप्टन सुमित सभरवाल और को-पायलट क्लाइव कुंदर दोनों पूरी तरह योग्य और अनुभवी थे। किसी भी प्रकार की ड्यूटी अनियमितता या स्वास्थ्य समस्या की पुष्टि नहीं हुई।
रिपोर्ट में यह भी बताया गया कि 2018 में अमेरिकी एफएए ने इसी प्रकार के विमानों में फ्यूल कंट्रोल स्विच लॉकिंग तंत्र से जुड़ी संभावित दिक्कतों के बारे में चेतावनी दी थी, लेकिन एयर इंडिया ने तब जरूरी निरीक्षण नहीं कराया था।
इस जांच में भारत के अलावा अमेरिका, ब्रिटेन, पुर्तगाल, कनाडा और विमान निर्माण कंपनियों के विशेषज्ञ शामिल हैं। फिलहाल, एजेंसी ने कोई तत्काल सुरक्षा अनुशंसा जारी नहीं की है लेकिन ईंधन नियंत्रण प्रणालियों और मानवीय त्रुटियों पर गहन अध्ययन जारी है।
अंतिम रिपोर्ट आने में कुछ महीने लग सकते हैं, पर यह हादसा भारत के हालिया विमानन इतिहास की सबसे भीषण दुर्घटनाओं में दर्ज हो गया है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

