॰ 32 स्लॉट वाला सिम बॉक्स और 45 सिम कार्ड बरामद
॰ 45 सिम कार्ड और बैंक ग्राहकों का डेटा बरामद, युवक युवतियां कर रहे थे काम
Dehradun: राजधानी देहरादून में एसटीएफ और देहरादून पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में अवैध सिम बॉक्स के जरिए संचालित किए जा रहे संदिग्ध कॉल सेंटर का भंडाफोड़ हुआ है। साइबर क्राइम पुलिस और दूरसंचार विभाग की टीम ने जीएमएस रोड स्थित कमला पैलेस के पास कैरियर हाउस बिल्डिंग में संचालित SINGH ASSET RECON SERVICES PRIVATE LIMITED (SARS) के कार्यालय में छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान कंपनी के मैनेजर और रीजनल मैनेजर को गिरफ्तार किया गया है।
एसटीएफ को कॉल सेंटर में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने तकनीकी साक्ष्य जुटाकर दूरसंचार विभाग को साथ लेकर कार्यालय में छापेमारी की। मौके से 32 स्लॉट वाला DINSTAR सिम बॉक्स, 45 सिम कार्ड, लैपटॉप, दो राउटर, दो एटीएम कार्ड और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद किए गए।
जांच के दौरान लैपटॉप से SBI, BOB, AXIS BANK, POONAWALLA FINANCE, YES BANK और RBL समेत विभिन्न बैंकों और वित्तीय संस्थानों के ग्राहकों के क्रेडिट कार्ड से संबंधित डेटा मिलने की बात सामने आई है।
पुलिस ने मामले में लक्ष्मण प्रसाद निवासी महोबा, उत्तर प्रदेश, हाल निवासी चंद्रमणी देहरादून और जगमोहन सिंह रावत निवासी नई दिल्ली को गिरफ्तार किया है। लक्ष्मण प्रसाद कंपनी मैनेजर और जगमोहन सिंह रावत रीजनल मैनेजर बताया गया है।
पूछताछ में सामने आया कि कॉल सेंटर से लोगों को क्रेडिट कार्ड उपलब्ध कराने और उससे जुड़े लाभ बताने के नाम पर कॉल की जाती थी। पुलिस के अनुसार, कुछ मामलों में ग्राहकों पर जल्द पैसे जमा कराने के लिए दबाव डालने और धमकी देने के आरोप भी सामने आए हैं। कॉल सेंटर में करीब 39 युवक-युवतियां कमीशन के आधार पर काम कर रहे थे।
एसटीएफ की जांच में यह भी सामने आया कि कॉल सेंटर द्वारा निर्धारित 1600 नंबर सीरीज का इस्तेमाल नहीं किया जा रहा था। इसके बजाय व्यक्तिगत मोबाइल नंबरों से ग्राहकों को कॉल की जा रही थी। एसटीएफ के मुताबिक, सिम बॉक्स के जरिए कॉल की वास्तविक पहचान छिपाई जा सकती है और इसका इस्तेमाल धोखाधड़ी सहित अन्य आपराधिक गतिविधियों में किया जा सकता है।
एसटीएफ एसएसपी अजय सिंह ने बताया कि मामले में साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन देहरादून में मुकदमा दर्ज किया गया है। आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 318(4), 319(1), 61(2), 3(5), IT Act की धारा 66(C), 66(D) और दूरसंचार अधिनियम की धारा 42(1), 42(3) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
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Chief Editor, Aaj Khabar
