पहलगाम हमले के बाद भारत द्वारा सिंधु नदी का पानी रोके जाने से नाराज़ पाकिस्तानी सहकर्मियों ने दुबई में किच्छा के युवक को किया प्रताड़ित, पानी तक नहीं दिया; एसएसपी मणिकांत मिश्रा की मदद से हुई सकुशल वतन वापसी, परिजनों ने जताया आभार।
रुद्रपुर। पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद भारत द्वारा पाकिस्तान जाने वाले सिंधु नदी के पानी को रोके जाने का असर विदेश में काम कर रहे एक भारतीय युवक पर भी पड़ा। दुबई में काम कर रहे किच्छा निवासी विशाल को वहां रहने वाले पाकिस्तानी सहकर्मियों ने मानसिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया। उन्होंने उसे पीने तक का पानी देने से इनकार कर दिया और बार-बार ताना देते रहे कि जब भारत ने पाकिस्तान का पानी रोका है, तो तुझे भी पानी नहीं मिलेगा। इससे विशाल बीमार पड़ गया और मानसिक रूप से टूटने लगा।
विशाल ने स्वजन से संपर्क कर भारत लौटने की गुहार लगाई, लेकिन खुद से वापसी संभव नहीं हो सकी। तब उसके परिजनों ने ऊधम सिंह नगर पुलिस से संपर्क किया। मामला एसएसपी मणिकांत मिश्रा तक पहुंचा, जिन्होंने तत्काल कार्रवाई करते हुए एक टीम को युवक की वापसी की व्यवस्था में लगा दिया।
पुलिस ने दुबई में नौकरी दिलाने वाले एजेंट समीर (निवासी मोहल्ला अल्ली खां, काशीपुर) से संपर्क कर विशाल की स्थिति और स्थान की जानकारी जुटाई। वहां रह रहे अन्य भारतीय युवकों की मदद से विशाल की परिजनों से बात कराई गई। इसके बाद उसका पासपोर्ट और टिकट बनवाकर वापसी की पूरी व्यवस्था की गई।
गुरुवार को विशाल अपनी मां और परिजनों के साथ एसएसपी कार्यालय पहुंचा और एसएसपी मणिकांत मिश्रा से मुलाकात कर आभार व्यक्त किया। विशाल ने बताया कि पाकिस्तानी युवक उसे लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित करते थे और पानी तक नहीं देते थे। पहलगाम हमले के बाद उनके व्यवहार में और भी कटुता आ गई थी। एसएसपी की तत्परता से समय रहते उसकी सुरक्षित घर वापसी संभव हो सकी।
यह घटना न केवल विदेशों में काम कर रहे भारतीयों की चुनौतियों को उजागर करती है, बल्कि पुलिस की संवेदनशीलता और तत्परता का भी उदाहरण प्रस्तुत करती है।

Chief Editor, Aaj Khabar



