Nainital: जिलाधिकारी वंदना सिंह की अध्यक्षता में सोमवार को जिलाधिकारी कार्यालय सभागार नैनीताल में सड़क सुरक्षा समिति की समीक्षा बैठक आयोजित की। बैठक में जिलाधिकारी ने विभाग की प्रवर्तन कार्यवाही और सड़क सुरक्षा कार्यों की प्रगति की समीक्षा की ।
ईई लोनिवि रत्नेश सक्सेना ने बताया कि अगस्त तक इस वर्ष जिले में कुल 106 दुर्घटनाएं हुई, जिसमें 85 मृतक और 75 घायल हुए। जिलाधिकारी ने बताया कि ओवर लोड, तेज रफ्तार, मदिरा सेवन और मोबाइल प्रयोग से सड़क दुर्घटनाएं ज्यादा होती है। जिसकी रोकथाम के लिए परिवहन विभाग,पुलिस विभाग को समय समय पर प्रवर्तन की कार्यवाही की जानी है । साथ ही नियमों का पालन नहीं करने वालों के खिलाफ सख्त कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
उन्होंने जिले में सभी ब्लैक स्पाट को जल्द सुधार करने की बात कही। जिलाधिकारी ने परिवहन विभाग और एसडीएम को उन सड़कों की सूची बनाकर पैराफिट, क्रैश बेरियर, सुरक्षा दीवार निरीक्षण, गुणवत्ता की जांच करने को कहा, जिन पर वर्तमान में विभाग द्वारा कार्य पूर्ण कर लिया है । साथ ही दुर्घटना संभावित इलाकों और नो पार्किंग आदि इलाकों में साइन बोर्ड लगाने के निर्देश दिए।
इस दौरान उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा संबंधित प्रचार कार्यक्रम आयोजन साथ ही प्रचार प्रसार हेतु एनजीओ के माध्यम से विद्यालयों के माध्यम से प्रचार प्रसार करने हेतु निर्देश दिए कहा। साथ ही सड़क दुर्घटना में मृतकों के परिवारों का शीघ्र सर्वे पूर्ण कर पुनर्वास हेतु सरकारी योजनाओं से जोड़ा जाए । परिवारों के सर्वे का कार्य एक माह में पूर्ण करने के निर्देश दिए ।
उन्होंने परिवहन और पुलिस प्रशासन से आॅटो, रिक्शा, ई-रिक्शा के चालकों के साथ कार्यशाला कर एसओपी की जानकारी देने को कहा। कार्यशाला में चालकों को बालिका सुरक्षा की जानकारी, मोटर व्हीकल एक्ट, ड्रेस कोड, आईडी कार्ड और रोड सेफ्टी के मानक बताने के साथ प्रत्येक रुट के लिए निर्धारित जगह तय करने आदि की जानकारी देने के निर्देश दिए । उन्होंने एनएच के अधिकारियों को एक सप्ताह के भीतर नरीमन चौराहे से भीमताल तिराहे तक की सड़क को दुरुस्त करने के निर्देश दिए। कहा कि बरसात खत्म होते ही अब युद्ध स्तर पर गड्ढा मु्क्ति अभियान चलाया जाए। इस दौरान एसपी क्राइम हरबंस सिंह, आरटीओ प्रवर्तन हल्द्वानी डां. गुरदेव सिंह, ईई लोनिवि रत्नेश सक्सेना, एआरटीओ संदीप वर्मा आदि मौजूद रहे।
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Chief Editor, Aaj Khabar

सड़क पर गड्ढे की वजह से कितने लोग अपनी जान खोखिम में डालते हैं, गड्ढे तो भरे नहीं जाते।
लेकिन चालान काटने के लिए हर कोने में मिलेंगे। गलती ना हो तब भी कोई ना कोई बहाना बना के जरूर काट देता है।
बेकार के सिस्टम से निकल कर, उसका दूसरा समाधान ढूंढो, क्योंकि किसी को सड़क पर रोक कर पैसे लूटकर परेशान करना सारा गलत बात है।
एक सरकारी नौकरी 50,000 से 100000 तक आराम से हर महीने सैलरी ले रहा है। लेकिन ये लोग जिन्हें अपने परिवार का खर्चा चलाने के लिए दुपहिया वहां का शहर लेना पड़ता है, उनके साथ गलत है।