हल्द्वानी। उत्तराखंड क़ैडर के चर्चित संजीव चतुर्वेदी न्यायपालिका के लिए एक पहेली बन गये है, ताज़ा मामला उनके केंद्रीय प्रतिनियुक्ति पर जाने का है, नैनीताल उच्च न्यायालय के न्यायमूर्ति मनोज तिवारी ने ख़ुद को इस मामले की सुनवाई से अलग कर लिया है।
अभी तक यही देखा गया कि न्यायाधीश तभी ख़ुद को अलग करते है जब किसी मुक़दमे में उनके परिवार या रिश्तेदार इनवॉल्व हो या जज का बेटा या बेटी किसी पक्ष की तरफ़ से वकील हो।
लेकिन यहाँ ऐसा कुछ भी नहीं है।
ये अनुसंधान का विषय है कि एक आईएफ़एस के मामलों की सुनवाई से अलग अलग न्यायालयों के नौ जज अभी तक ख़ुद को अलग कर चुके है।
अन्यथा उनका मामला सुनने में न्यायाधीशों का ऐसा भी क्या परहेज़ ?


Chief Editor, Aaj Khabar
