Uttarakhand: विश्व प्रसिद्ध बदरीनाथ धाम में चढ़ावा हेराफेरी मामले की एसआईटी जांच में लगातार नए खुलासे हो रहे हैं। जांच के दौरान अब दान से जुड़े अभिलेखों में कथित ओवरराइटिंग का मामला सामने आया है। इसके बाद बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) ने खजांची (कोषपाल) संदेश मेहता को उनके पद से हटाकर पूजा व्यवस्था एवं पूजा काउंटर की जिम्मेदारी सौंप दी है।
एसआईटी फिलहाल यह जांच कर रही है कि दान संबंधी दस्तावेजों में कथित ओवरराइटिंग किन परिस्थितियों में की गई और इसके पीछे किसके निर्देश थे। जांच एजेंसी संदेश मेहता से पूछताछ कर रही है, जबकि मामले से जुड़े अन्य संदिग्धों से भी लगातार जानकारी जुटाई जा रही है।
इससे पहले गिरफ्तार पूर्व कर्मचारी राजेंद्र चौहान ने पूछताछ में कथित तौर पर बताया था कि वह तत्कालीन वैयक्तिक सहायक प्रमोद नौटियाल के निर्देशों पर कार्य करता था। एसआईटी इस बयान का अन्य साक्ष्यों और दस्तावेजों के साथ मिलान कर रही है।
जांच में सामने आ रहे तथ्यों के आधार पर आगे और लोगों से पूछताछ या आवश्यकता पड़ने पर गिरफ्तारी की कार्रवाई भी की जा सकती है। जांच का मुख्य फोकस यह पता लगाना है कि यदि चढ़ावे में कथित हेराफेरी हुई, तो इसके पीछे निर्णय लेने वाला कौन था और क्या यह किसी संगठित स्तर पर अंजाम दिया गया।
बीकेटीसी के मुख्य कार्याधिकारी सोहन सिंह रांगड़ ने बताया कि संदेश मेहता को खजांची की जिम्मेदारी से हटा दिया गया है। पहले वे मंदिर के सोना-चांदी समेत डबल लॉकर में सुरक्षित रखी जाने वाली मूल्यवान वस्तुओं की जिम्मेदारी संभालते थे। डबल लॉकर प्रणाली के तहत एक चाबी खजांची और दूसरी अधिकृत अधिकारी के पास रहती है। फिलहाल उनकी ड्यूटी पूजा व्यवस्था एवं पूजा काउंटर की देखरेख में लगा दी गई है। सूत्रों के अनुसार, जांच एजेंसियां कुबेर के खजाने से जुड़े रिकॉर्ड और व्यवस्थाओं की भी जांच कर सकती हैं।

Chief Editor, Aaj Khabar
