Uttarakhand: बदरीनाथ मंदिर के चढ़ावे में कथित हेराफेरी के मामले में गिरफ्तार आरोपी कर्मचारी प्रमोद नौटियाल को सोमवार को जिला एवं सत्र न्यायालय, गोपेश्वर ने 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला कारागार पुरसाड़ी भेज दिया। इस बीच मामले की जांच ने नया मोड़ ले लिया है। पुलिस को 25 जून की सीसीटीवी फुटेज में आरोपी के साथ कुछ अन्य कर्मचारी भी गणना कक्ष में संदिग्ध गतिविधियां करते दिखाई दिए हैं, जिसके बाद उनकी भूमिका भी जांच के दायरे में आ गई है।
पुलिस ने बदरी-केदार मंदिर समिति (बीकेटीसी) के चढ़ावा गणना कक्ष की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग खंगालनी शुरू कर दी है। जांच के दौरान 25 जून की फुटेज में आरोपी प्रमोद नौटियाल के साथ मौजूद कुछ कर्मचारियों की गतिविधियां संदिग्ध प्रतीत हुईं। सभी संबंधित फुटेज पुलिस ने अपने कब्जे में लेकर जांच तेज कर दी है।
सूत्रों के अनुसार, पुलिस ने रविवार को 25 जून को हुई चढ़ावे की गणना की रिकॉर्डिंग की विस्तृत जांच की। प्रारंभिक जांच में आरोपी के अलावा अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी संदिग्ध नजर आई है। ऐसे में जांच आगे बढ़ने के साथ कई अन्य कर्मचारियों से भी पूछताछ की जा सकती है।
अब पुलिस मंगलवार को 29 जून की सीसीटीवी फुटेज की भी जांच करेगी। अधिकारियों का मानना है कि अलग-अलग दिनों की रिकॉर्डिंग का मिलान करने से पूरे घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में मदद मिलेगी। बताया जा रहा है कि मंदिर परिसर में 27 जून से हाई रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए थे, जबकि इससे पहले लगे कैमरों की गुणवत्ता अपेक्षाकृत कम थी।
पुलिस पुराने और नए सभी फुटेज का बारीकी से विश्लेषण कर रही है ताकि यह स्पष्ट किया जा सके कि संदिग्ध कर्मचारी गणना कक्ष में किस प्रकार की गतिविधियों में शामिल थे। पुलिस उपाधीक्षक मदन सिंह बिष्ट ने बताया कि जांच के दौरान सामने आने वाले प्रत्येक संदिग्ध तथ्य की गहन पड़ताल की जाएगी। मामले में अन्य साक्ष्य भी जुटाए जा रहे हैं और जांच लगातार जारी है।
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Chief Editor, Aaj Khabar
