Dehradun: देहरादून में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की अध्यक्षता में आयोजित मंत्रिमंडल बैठक में 18 अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। बैठक में कुंभ मेले से जुड़े स्थायी और अस्थायी कार्यों के लिए कुंभ मेला अधिकारी और गढ़वाल आयुक्त को वित्तीय अधिकार सौंपे गए हैं। इसके तहत मेला अधिकारी 1 करोड़ रुपये तक और आयुक्त 5 करोड़ रुपये तक के कार्यों को स्वीकृति दे सकेंगे, जबकि इससे अधिक लागत वाले कार्य शासन स्तर पर मंजूर होंगे।
परिवहन क्षेत्र में बड़ा निर्णय लेते हुए राज्य परिवहन निगम के लिए 250 नई बसों की खरीद को मंजूरी दी गई है। वहीं जीएसटी दर 28 प्रतिशत से घटकर 18 प्रतिशत होने के चलते पहले स्वीकृत 100 बसों की संख्या बढ़ाकर 109 कर दी गई है।
भर्ती नियमों में भी महत्वपूर्ण बदलाव किया गया है। उत्तराखंड अधीनस्थ वन सेवा नियमावली में संशोधन करते हुए वन दरोगा के लिए शैक्षिक योग्यता इंटरमीडिएट से बढ़ाकर स्नातक कर दी गई है। साथ ही आयु सीमा 21 से 35 वर्ष तय की गई है, जबकि वन आरक्षी के लिए आयु सीमा 18 से 25 वर्ष निर्धारित की गई है।
मंत्रिमंडल ने उत्तराखंड मोटरयान संशोधित नियमावली 2026 के तहत प्रवर्तन कर्मियों की वर्दी निर्धारण को मंजूरी दी है। इसके अलावा राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण नियमावली 2026 में संशोधन करते हुए जिला सैनिक कल्याण अधिकारी को पदेन सदस्य बनाया गया है और एसिड अटैक पीड़ितों को भी शामिल करने का निर्णय लिया गया है।
खनन क्षेत्र में उप खनिज परिहार नियमावली 2023 में संशोधन करते हुए रॉयल्टी दर 7 रुपये प्रति कुंतल से बढ़ाकर 8 रुपये प्रति कुंतल कर दी गई है। वहीं वाणिज्य कर विभाग की नियमावली में भी संशोधन को हरी झंडी दी गई।
शिक्षा क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए राज्य के 452 मदरसों में से कक्षा 1 से 8 तक संचालित लगभग 400 मदरसों को जिला स्तरीय समिति या सक्षम अधिकारी से मान्यता देने का निर्णय लिया गया है। वहीं कक्षा 12 तक संचालित मदरसों को शिक्षा बोर्ड से संबद्धता लेना अनिवार्य होगा। इसके लिए अल्पसंख्यक शिक्षा अधिनियम के तहत अध्यादेश लाने को मंजूरी दी गई है।
इसके अतिरिक्त, कार्मिक विभाग में एकल संवर्ग की प्रतीक्षा सूची के लिए एसओपी तैयार की जाएगी। शिक्षा विभाग की विशेष शिक्षा शिक्षक नियमावली और संस्कृत शिक्षा शैक्षिक संवर्ग सेवा नियमावली 2026 को भी स्वीकृति दी गई है।
लोक निर्माण विभाग में दिव्यांग श्रेणी के रिक्त पदों को लेकर संशोधन करते हुए 6 नए पद सृजित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं वर्ग चार्ज कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर लंबित मामले को भी मंत्रिमंडल के समक्ष प्रस्तुत किया गया।
अधिप्राप्ति नियमावली 2025 के तहत D श्रेणी के ठेकेदारों के लिए कार्य सीमा 1 करोड़ से बढ़ाकर 1.50 करोड़ कर दी गई है। उच्च शिक्षा में मुख्यमंत्री शोध प्रोत्साहन योजना का लाभ अब 21 अशासकीय अनुदानित महाविद्यालयों तक विस्तारित किया जाएगा। साथ ही वन क्षेत्रों में मधुमक्खी पालन को लेकर नई नीति को भी मंजूरी दी गई है।

Chief Editor, Aaj Khabar
