Uttarakhand: भाई दूज के पावन अवसर पर केदारनाथ धाम के कपाट आज सुबह विधि-विधान के साथ शीतकाल के लिए बंद कर दिए गए। सुबह 4 बजे से शुरू हुई इस प्रक्रिया में भगवान आशुतोष के ज्योतिर्लिंग को समाधि रूप दिया गया और इसके बाद सुबह 8:30 बजे मंदिर के कपाट औपचारिक रूप से बंद किए गए। इस पवित्र अवसर पर 18,644 श्रद्धालुओं ने धाम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई, जिनके बीच सेना की बैंड धुनों पर “हर हर महादेव” के जयकारों से वातावरण गुंजायमान हो उठा।
कपाट बंद होने के बाद बाबा केदार की पंचमुखी चल उत्सव विग्रह डोली शीतकालीन गद्दीस्थल ओंकारेश्वर मंदिर, उखीमठ के लिए प्रस्थान कर गई। डोली आज रामपुर में रात्रि प्रवास करेगी, जबकि सोमवार को गुप्तकाशी और मंगलवार को उखीमठ पहुंचेगी। वहां धार्मिक विधियों का पालन करते हुए बाबा केदार की डोली को छह माह की पूजा के लिए मंदिर में स्थापित किया जाएगा।
गौरतलब है कि इस वर्ष 16,52,076 श्रद्धालु बाबा केदार के दर्शन करने पहुंचे। पिछली वर्षों में भी श्रद्धालुओं की संख्या में वृद्धि देखी गई थी, जिसमें 2023 में 19 लाख, 2022 में 15 लाख 63 हजार, और 2019 में 10 लाख तीर्थयात्रियों ने धाम की यात्रा की थी।
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Chief Editor, Aaj Khabar

