Dehradun: राज्यसभा चुनाव को लेकर उत्तराखंड भाजपा में चल रही कवायद अब अंतिम दौर में पहुंचती दिखाई दे रही है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने प्रत्याशी चयन को लेकर स्पष्ट संकेत दिया है कि अंतिम फैसला भाजपा का केंद्रीय नेतृत्व करेगा। प्रदेश स्तर पर दावेदारों के नामों पर मंथन के बाद अब निगाहें दिल्ली में होने वाले निर्णय पर टिकी हैं।
उत्तराखंड से राज्यसभा सांसद नरेश बंसल का कार्यकाल 25 नवंबर को पूरा होने के बाद यह सीट रिक्त होगी। इसके लिए 16 अक्टूबर को चुनाव होना है। नामांकन प्रक्रिया 29 सितंबर से शुरू हो चुकी है और 6 अक्टूबर तक नामांकन दाखिल किए जा सकेंगे। ऐसे में भाजपा के लिए आने वाले कुछ दिन प्रत्याशी चयन के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं।
राज्यसभा सीट के लिए भाजपा के भीतर कई नामों को लेकर चर्चा चल रही थी। प्रदेश स्तर पर करीब 25 नामों पर मंथन के बाद 9 नामों को शॉर्टलिस्ट कर केंद्रीय नेतृत्व तक भेजे जाने की जानकारी सामने आई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और प्रदेश महामंत्री संगठन फणींद्रनाथ शर्मा ने संभावित दावेदारों को लेकर मंथन किया है। अब अंतिम फैसला भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व को करना है।
राज्यसभा प्रत्याशी के चयन को लेकर 25 सितंबर को हुई भाजपा कोर कमेटी की बैठक में संभावित नामों का पैनल तैयार करने की जिम्मेदारी मुख्यमंत्री धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और संगठन महामंत्री फणींद्रनाथ शर्मा को दी गई थी। उस समय तीन से पांच नामों का पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजे जाने की चर्चा थी। इसके बाद प्रक्रिया में बदलाव की बात सामने आई और अब प्रदेश से संभावित नामों की विस्तृत सूची केंद्रीय नेतृत्व तक पहुंचने की जानकारी है।
राज्यसभा सीट ऐसे समय रिक्त हो रही है जब उत्तराखंड भाजपा 2027 विधानसभा चुनाव की तैयारियों में जुटी है। पार्टी ने हाल ही में संगठनात्मक स्तर पर बदलाव करते हुए राम माधव को प्रदेश प्रभारी और बांसुरी स्वराज व अरविंद मेनन को सह प्रभारी बनाया है। ऐसे में राज्यसभा प्रत्याशी का चयन आगामी विधानसभा चुनाव की राजनीतिक तैयारियों के बीच महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रत्याशी के चयन में संगठन में भूमिका, राजनीतिक अनुभव, क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व समेत कई पहलुओं पर विचार होने की संभावना है। हालांकि भाजपा की ओर से किसी विशेष दावेदार के नाम पर अभी अंतिम मुहर नहीं लगाई गई है।
राज्यसभा उम्मीदवार के चयन की प्रक्रिया में मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, प्रदेश अध्यक्ष महेंद्र भट्ट और संगठन महामंत्री फणींद्रनाथ शर्मा की भूमिका अहम रही है। प्रदेश कोर कमेटी ने इन्हीं नेताओं को संभावित नामों पर मंथन की जिम्मेदारी सौंपी थी। इसके बाद नामों की सूची केंद्रीय नेतृत्व तक भेजी गई।
अब अंतिम फैसला भाजपा हाईकमान को करना है। प्रदेश संगठन की राय के साथ केंद्रीय नेतृत्व के राजनीतिक समीकरण भी प्रत्याशी चयन में महत्वपूर्ण हो सकते हैं। उम्मीदवार का नाम सामने आने के बाद ही स्पष्ट होगा कि पार्टी ने किन राजनीतिक और संगठनात्मक पहलुओं को प्राथमिकता दी है।
उत्तराखंड विधानसभा में भाजपा के पास पर्याप्त संख्या बल होने के कारण राज्यसभा चुनाव में मुख्य चर्चा प्रत्याशी चयन को लेकर है। ऐसे में राजनीतिक हलकों में सबसे ज्यादा नजर इस बात पर है कि भाजपा किस चेहरे को राज्यसभा भेजती है।
6 अक्टूबर नामांकन की अंतिम तारीख है, जबकि 16 अक्टूबर को मतदान होना है। अब भाजपा के केंद्रीय नेतृत्व के फैसले पर सभी की नजरें टिकी हैं।
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Chief Editor, Aaj Khabar
