Champawat: लोहाघाट-घाट राष्ट्रीय राजमार्ग पर बुधवार को एक हृदयविदारक सड़क हादसा सामने आया, जहां टनकपुर डिपो की रोडवेज बस के चालक ने 34 यात्रियों की जान बचाने के लिए अपनी जान की आहुति दे दी। ब्रेक फेल होने के बाद अनियंत्रित हुई बस को खाई में गिरने से रोकने के लिए चालक ने उसे पहाड़ी की दीवार से टकरा दिया। इस साहसिक निर्णय से सभी यात्री सुरक्षित बच गए, लेकिन चालक की मौके पर ही दर्दनाक मौत हो गई।
प्राप्त जानकारी के अनुसार टनकपुर डिपो की रोडवेज बस संख्या UK 07 PA-3122 यात्रियों को लेकर जा रही थी। एमजे होटल के समीप अचानक बस के ब्रेक फेल हो गए, जिसके बाद ढलान पर बस की रफ्तार तेजी से बढ़ने लगी। गंभीर स्थिति को भांपते हुए चालक बेनीराम ने घबराने के बजाय साहस और सूझबूझ का परिचय दिया। उन्होंने बस को नियंत्रित करते हुए सड़क किनारे पहाड़ी की दीवार से टकरा दिया, जिससे संभावित बड़ा हादसा टल गया।
हालांकि टक्कर के दौरान चालक बेनीराम वाहन से बाहर छिटक गए और बस के अगले पहिए की चपेट में आ गए। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। जेसीबी की सहायता से क्षतिग्रस्त बस को हटाकर चालक के शव को बाहर निकाला गया। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
हादसे में बस में सवार सभी 34 यात्री सुरक्षित बताए जा रहे हैं। घटनास्थल पर पूर्व विधायक पूरन फर्त्याल, पूर्व ब्लॉक प्रमुख योगेश मेहता और जिला पंचायत सदस्य योगेश जोशी समेत कई जनप्रतिनिधि पहुंचे और राहत कार्य में सहयोग किया।
घटना के बाद परिवहन निगम की कार्यप्रणाली पर भी गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय लोगों और यात्रियों का आरोप है कि बस काफी पुरानी और ओवर-माइलेज थी तथा उसकी नियमित सर्विसिंग भी नहीं हो रही थी। यात्रियों ने बताया कि चालक ने अपनी जान जोखिम में डालकर सभी को सुरक्षित बचाया, लेकिन विभागीय लापरवाही के कारण उन्हें अपनी जान गंवानी पड़ी। क्षेत्रवासियों ने मामले की उच्चस्तरीय जांच और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।

Chief Editor, Aaj Khabar
