Uttarakhand: मुख्यमंत्री के “अपराध मुक्त उत्तराखंड” विजन के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने फर्जी शस्त्र लाइसेंस धारकों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। इसी क्रम में एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस की संयुक्त टीम ने काशीपुर क्षेत्र में बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को तीन अवैध सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल, 65 कारतूस और तीन कूटरचित शस्त्र लाइसेंसों के साथ गिरफ्तार किया है।
एसटीएफ की ओर से पिछले दो माह से बाहरी राज्यों से उत्तराखंड में स्थानांतरित होकर आए शस्त्र लाइसेंसों की गहन जांच की जा रही थी। जांच के दौरान यह सामने आया कि कई लाइसेंस संदिग्ध और फर्जी हो सकते हैं। इसी आधार पर काशीपुर कोतवाली में 10 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया था, जिनके लाइसेंस उत्तर प्रदेश के शाहजहांपुर से जारी दिखाए गए थे।
जांच में खुलासा हुआ कि आरोपियों ने इन्हीं कथित लाइसेंसों के आधार पर काशीपुर के गन हाउस से हथियार खरीदे थे। एसटीएफ ने संबंधित दस्तावेजों और लाइसेंसों का सत्यापन कराया तो पता चला कि जिन लाइसेंस नंबरों का उपयोग किया गया, वे वास्तव में अन्य व्यक्तियों के नाम पर जारी थे। शाहजहांपुर जिला प्रशासन ने भी पुष्टि की कि आरोपियों के नाम से कोई शस्त्र लाइसेंस जारी नहीं किया गया था।
मुकदमे की विवेचना के दौरान एसटीएफ और ऊधमसिंह नगर पुलिस ने संयुक्त अभियान चलाकर नौशाद हुसैन, जतिन कांडपाल और अजीम को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से तीन पिस्टल, 65 कारतूस और तीन फर्जी लाइसेंस बरामद किए गए हैं।
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह ने बताया कि राज्यभर में बाहरी राज्यों से स्थानांतरित होकर आए हजारों शस्त्र लाइसेंसों का सत्यापन जारी है। जांच में जो भी फर्जीवाड़ा सामने आएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि फर्जी शस्त्र लाइसेंस राष्ट्रीय सुरक्षा और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा हैं तथा उत्तराखंड पुलिस ऐसे मामलों में जीरो टॉलरेंस नीति के तहत कार्रवाई कर रही है।
एसटीएफ ने आमजन से भी अपील की है कि यदि किसी को किसी संदिग्ध या फर्जी शस्त्र लाइसेंस की जानकारी हो तो वह तत्काल सूचना दें। सूचनाकर्ता की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
