Uttarakhand: राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में आयोजित पत्रकार संवाद कार्यक्रम में मेडिकल कॉलेज एवं बेस अस्पताल की चिकित्सा सुविधाओं, शिक्षा व्यवस्था, निर्माण कार्यों और भविष्य की योजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई। प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने कहा कि बेस अस्पताल में लगातार सुविधाओं का विस्तार होने से मरीजों का भरोसा बढ़ा है और अस्पताल में मरीजों की संख्या में भी इजाफा हो रहा है।
प्राचार्य डॉ. सीएमएस रावत ने कहा कि पत्रकारों के साथ नियमित संवाद से संस्थान की व्यवस्थाओं को बेहतर बनाने में मदद मिलती है। पत्रकारों से मिलने वाला सकारात्मक फीडबैक अस्पताल की कमियों को दूर करने और मरीजों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
उन्होंने बताया कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक डॉ. आशुतोष सयाना पूर्व में राजकीय मेडिकल कॉलेज श्रीनगर में प्राचार्य के पद पर सेवाएं दे चुके हैं। ऐसे में उन्हें मेडिकल कॉलेज की व्यवस्थाओं, गतिविधियों और आवश्यकताओं की पूरी जानकारी है। इसका लाभ कॉलेज की ओर से निदेशालय को भेजे जाने वाले प्रस्तावों पर त्वरित कार्रवाई के रूप में मिलने की उम्मीद है। उन्होंने कहा कि डॉ. सयाना के कार्यकाल में बेस अस्पताल में कई महत्वपूर्ण सुविधाओं का विकास हुआ, जिसका लाभ वर्तमान में मरीजों को मिल रहा है।
मरीजों और तीमारदारों की समस्याओं के समाधान के लिए बेस अस्पताल में मरीज सहायता एवं जनसंपर्क कार्यालय स्थापित किया गया है। यहां मरीजों की समस्याएं सुनकर उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
प्राचार्य ने बताया कि मेडिकल कॉलेज श्रीनगर से अब तक 165 छात्र पीजी की पढ़ाई पूरी कर चुके हैं, जबकि वर्तमान में 114 विद्यार्थी विभिन्न पीजी पाठ्यक्रमों में अध्ययनरत हैं। उन्होंने कहा कि चिकित्सा शिक्षा के क्षेत्र में संस्थान लगातार आगे बढ़ रहा है और बेस अस्पताल में सुविधाओं का विस्तार इसका सीधा लाभ मरीजों को पहुंचा रहा है।
अस्पताल की गतिविधियों और उपलब्धियों को व्यवस्थित रूप से सामने लाने के लिए हर माह अस्पताल का डेटा संकलित किया जाएगा। इसके साथ ही मेडिकल कॉलेज की ओर से मासिक न्यूज लेटर जारी किया जाएगा, जिसमें अस्पताल एवं मेडिकल कॉलेज की प्रमुख गतिविधियों, उपलब्धियों और विकास कार्यों की जानकारी दी जाएगी।
पार्किंग की समस्या को लेकर डॉ. रावत ने बताया कि अस्पताल परिसर में पार्किंग निर्माण का कार्य जारी है। इसके पूरा होने के बाद मरीजों और तीमारदारों को राहत मिलेगी। वहीं फैकल्टी के लिए ट्रांजिट हॉस्टल का निर्माण भी पूरा हो चुका है।
उन्होंने बताया कि जीवीके की ओर से मेडिकल कॉलेज को उपलब्ध कराई गई जमीन पर भविष्य में पैरामेडिकल कॉलेज, विभिन्न आवासीय परिसर और स्टेडियम का निर्माण प्रस्तावित है। मेडिकल कॉलेज एवं बेस अस्पताल में अब तक 170 से अधिक विकास कार्य किए जा चुके हैं।
प्राचार्य ने बताया कि नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स (NCAHP) के तहत मेडिकल कॉलेज में जल्द चार नए पैरामेडिकल पाठ्यक्रम शुरू किए जाएंगे। इनमें रेस्पिरेटरी टेक्नोलॉजिस्ट, ऑप्टोमेट्री, डाइटिशियन एवं न्यूट्रिशनिस्ट तथा डायलिसिस थेरेपी टेक्नोलॉजी शामिल हैं। इन पाठ्यक्रमों के शुरू होने से क्षेत्र के युवाओं को चिकित्सा क्षेत्र में नए अवसर मिलेंगे और अस्पताल को प्रशिक्षित पैरामेडिकल मानव संसाधन भी उपलब्ध होगा।
डॉ. रावत ने बताया कि शासन के निर्देश पर बेस अस्पताल की डायलिसिस यूनिट का संचालन हंस फाउंडेशन द्वारा किया जाएगा। इसके लिए हंस फाउंडेशन की टीम बुधवार को बेस अस्पताल पहुंचेगी। संस्था के साथ जल्द एमओयू किया जाएगा, जिसके बाद डायलिसिस यूनिट के संचालन की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी।
पत्रकार संवाद कार्यक्रम में वरिष्ठ वित्त नियंत्रक प्रशांत कुमार शर्मा, चिकित्सा अधीक्षक डॉ. एएन पांडेय सहित मेडिकल कॉलेज के अन्य अधिकारी मौजूद रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
