Uttarakhand: उत्तराखण्ड पुलिस की सीबीसीआईडी को एक बड़ी सफलता मिली है। लंबे समय से दुबई में छिपे वांछित गैंगस्टर और करोड़ों की धोखाधड़ी के मुख्य आरोपी जगदीश पुनेठा को इंटरपोल समन्वय के बाद प्रत्यर्पित कर भारत लाया गया है। पुनेठा पर फर्जी निवेश योजनाओं के ज़रिए भारी आर्थिक धोखाधड़ी, संगठित गिरोह चलाने तथा कई गंभीर आपराधिक मामलों में संलिप्त होने के आरोप हैं।
फर्जी निवेश का जाल और FIR की शुरुआत
पिथौरागढ़ निवासी वादी लीलाधर पाटनी द्वारा दिए गए प्रकरण में जगदीश पुनेठा समेत अन्य आरोपियों ने निर्मल बंग कमोडिटी में निवेश का झांसा देकर ₹8 लाख की ठगी की। इस मामले में कोतवाली पिथौरागढ़ में FIR No. 239/2021 धारा 420, 504, 120B भादवि और 3 यूपीआईडी एक्ट में दर्ज हुई। विवेचना में ललित पुनेठा और पंकज शर्मा की गिरफ्तारी की गई, जबकि फरार रहने पर जगदीश पुनेठा के विरुद्ध कुर्की कार्रवाई के साथ 04 जुलाई 2024 को मफरूरी में आरोप पत्र दाखिल हुआ।
बहु-स्तरीय आर्थिक धोखाधड़ी का नेटवर्क
अभियुक्त के खिलाफ शेयर बाजार, निर्मल बंग कमोडिटी, रॉयल पैन्थर प्रा. लि., मात्रछाया आभूषण प्रा. लि. समेत कई संस्थाओं के नाम पर भारी निवेश धोखाधड़ी के मामले पंजीकृत हैं। संगठित गिरोह बनाकर अवैध आर्थिक लाभ अर्जित करने पर 16 जनवरी 2023 को उसके खिलाफ FIR No. 11/2023 गैंगस्टर एक्ट में भी मामला दर्ज हुआ। उसे पकड़ने के लिए पुलिस ने 2022 में ₹50,000 का इनाम घोषित किया था।
₹15 करोड़ से अधिक की धोखाधड़ी का खुलासा
सीबीसीआईडी निरीक्षक प्रताप सिंह नेगी की विवेचना में सामने आया कि पुनेठा गैंग ने कुल ₹15,17,30,000 की धोखाधड़ी की और ₹2,22,40,463 की अवैध संपत्तियां अर्जित कीं।
दुबई में छिपे होने का पता, इंटरपोल ने जारी किया RCN
तकनीकी व मैनुअल इनपुट के आधार पर पिथौरागढ़ पुलिस को उसके दुबई में होने की जानकारी मिली। इसके बाद सीबीसीआईडी ने सीबीआई के माध्यम से इंटरपोल से समन्वय कर रेड कॉर्नर नोटिस जारी कराया, जो अंततः उसकी गिरफ्तारी और प्रत्यर्पण का आधार बना।

Chief Editor, Aaj Khabar

