Haridwar: सावन के पावन महीने में धर्मनगरी हरिद्वार कांवड़ यात्रा के रंग में पूरी तरह रंग चुकी है। गंगा घाटों से लेकर कांवड़ पटरी तक हर तरफ भगवा रंग नजर आ रहा है। लाखों शिवभक्त गंगाजल लेकर अपने गंतव्य की ओर लौट रहे हैं। अब अगले तीन दिनों में डाक कांवड़ियों की भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है।
कांवड़ यात्रा के दौरान हरिद्वार में आस्था का अद्भुत नजारा देखने को मिल रहा है। शिवभक्त कंधों पर कांवड़ उठाकर हर-हर महादेव और बम-बम भोले के जयकारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे हैं। इस यात्रा की खास बात यह है कि हरिद्वार पहुंचते ही श्रद्धालुओं की व्यक्तिगत पहचान पीछे छूट जाती है और सभी एक-दूसरे को प्यार से भोला कहकर संबोधित करते हैं।
घर से निकलते समय कोई शिवम, कार्तिक, मोहित या राजू होता है, लेकिन कांवड़ यात्रा में कदम रखते ही वह साथियों के लिए सिर्फ भोला बन जाता है। थकान के बीच साथी कांवड़िये एक-दूसरे को पानी पिलाकर और कांवड़ संभालने में मदद कर हौसला बढ़ाते हैं। रास्ते में ‘चल भोले, थोड़ा और चलना है’ जैसे शब्द कांवड़ियों के उत्साह को बनाए रखते हैं।
कांवड़ मेले में जाति, उम्र, शहर और सामाजिक पहचान का अंतर भी मिटता दिखाई देता है। दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, पंजाब और उत्तर प्रदेश समेत देश के विभिन्न हिस्सों से पहुंचे शिवभक्त एक ही भगवा रंग में नजर आ रहे हैं। सभी की मंजिल अलग हो सकती है, लेकिन आस्था भगवान शिव में एक समान है।
वहीं, कांवड़ यात्रा को लेकर प्रशासन भी पूरी तरह सतर्क है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने जिले में चल रही कांवड़ यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने सीसीआर में स्थापित सीसीटीवी नियंत्रण कक्ष का निरीक्षण कर सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन की स्थिति देखी।
जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कैमरों और ड्रोन के माध्यम से कांवड़ यात्रा की लगातार निगरानी करने के निर्देश दिए। यात्रा मार्ग, पार्किंग स्थलों और संवेदनशील स्थानों पर विशेष नजर रखने के साथ श्रद्धालुओं की आवाजाही, भीड़ प्रबंधन और यातायात व्यवस्था को सुचारु बनाए रखने पर जोर दिया गया।
तीन दिनों तक डाक कांवड़ियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए हरिद्वार में सुरक्षा, यातायात और भीड़ नियंत्रण व्यवस्था प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती रहेगी। प्रशासन ने व्यवस्थाओं को लेकर निगरानी और तैयारियां तेज कर दी हैं।

Chief Editor, Aaj Khabar
