॰ गंगा और काली नदी उफान पर
॰ 11 अगस्त तक भारी बारिश की चेतावनी
Uttarakhand: उत्तराखंड में पिछले 36 घंटे से लगातार हो रही भारी बारिश के चलते प्रदेश की प्रमुख नदियां उफान पर हैं। ऋषिकेश में गंगा का जलस्तर बढ़ने से त्रिवेणी घाट सहित कई घाट जलमग्न हो गए हैं, जबकि परमार्थ निकेतन में स्थापित भगवान शिव की विशाल प्रतिमा के चरणों तक गंगा का पानी पहुंच गया है। प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सतर्क रहने और अनावश्यक आवाजाही से बचने की सलाह दी है।
पिथौरागढ़ में काली नदी भी खतरे के निशान के करीब बह रही है। बढ़ते जलस्तर को देखते हुए पुलिस और प्रशासन संवेदनशील क्षेत्रों में मुनादी कर लोगों से सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील कर रहे हैं। नदी किनारे रहने वाले परिवारों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
राजधानी देहरादून में भी लगातार बारिश का असर साफ दिखाई दे रहा है। प्रेमनगर क्षेत्र में टोंस नदी के तेज बहाव के बीच बच्चों के खेलने का वीडियो सामने आने के बाद प्रशासन ने इसे गंभीर लापरवाही बताया है। वहीं तमसा नदी समेत कई बरसाती नाले और गदेरे भी उफान पर हैं, जिससे निचले इलाकों में जलभराव और बाढ़ का खतरा बढ़ गया है।
भारी बारिश के कारण देहरादून के कई हिस्सों में जलभराव की स्थिति बनी हुई है और कुछ मार्गों पर यातायात प्रभावित हुआ है। जिला प्रशासन, पुलिस और आपदा प्रबंधन विभाग लगातार हालात की निगरानी कर रहे हैं। राहत एवं बचाव दलों को अलर्ट मोड पर रखा गया है।
देहरादून मौसम विज्ञान केंद्र के वैज्ञानिक रोहित थपलियाल के अनुसार प्रदेश में 11 अगस्त तक मौसम का मिजाज इसी तरह बना रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कई क्षेत्रों में भारी से बहुत भारी बारिश का पूर्वानुमान जारी करते हुए लोगों से नदी-नालों और बरसाती गदेरों से दूर रहने, अनावश्यक यात्रा से बचने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रशासन को सूचना देने की अपील की है।

Chief Editor, Aaj Khabar
