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Kashipur: काशीपुर में कब्र से निकाला गया युवक का शव, हाईकोर्ट के आदेश पर हत्या की आशंका के बीच हल्द्वानी में होगा दोबारा पोस्टमार्टम

Kashipur: काशीपुर में कब्र से निकाला गया युवक का शव, हाईकोर्ट के आदेश पर हत्या की आशंका के बीच हल्द्वानी में होगा दोबारा पोस्टमार्टम
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Kashipur: उधम सिंह नगर के काशीपुर में नैनीताल हाईकोर्ट के आदेश के अनुपालन में प्रशासन ने दफनाए गए युवक के शव को कब्र से बाहर निकलवाकर दोबारा पोस्टमार्टम के लिए हल्द्वानी भेज दिया है। पूरी कार्रवाई पुलिस, प्रशासनिक अधिकारियों और फॉरेंसिक विशेषज्ञों की मौजूदगी में संपन्न कराई गई। अधिकारियों के अनुसार मौत के कारणों को लेकर उठे सवालों और हत्या की आशंका के चलते दोबारा पोस्टमार्टम आवश्यक माना गया।

जानकारी के मुताबिक मामले में कुछ ऐसे तथ्य सामने आए थे, जिनसे युवक की मौत की परिस्थितियों पर संदेह पैदा हुआ। इसी को देखते हुए नैनीताल हाईकोर्ट ने शव को कब्र से निकालकर पुनः पोस्टमार्टम कराने के निर्देश दिए थे। कोर्ट के आदेश के बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने सभी कानूनी प्रक्रियाएं पूरी करते हुए कार्रवाई को अंजाम दिया।

निर्धारित प्रक्रिया के तहत पुलिस अधिकारियों की निगरानी में शव को कब्र से बाहर निकाला गया। मौके पर सुरक्षा व्यवस्था के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया गया था। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी भी कराई गई और सभी आवश्यक कानूनी औपचारिकताओं का पालन सुनिश्चित किया गया।

शव को बाहर निकालने की प्रक्रिया के दौरान फॉरेंसिक विशेषज्ञ भी मौजूद रहे, जिन्होंने मौके पर आवश्यक निरीक्षण किया। इसके बाद शव को सुरक्षित तरीके से कब्जे में लेकर हल्द्वानी भेजा गया, जहां सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज के विशेषज्ञ डॉक्टरों का पैनल पोस्टमार्टम करेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि नई रिपोर्ट से मौत के कारणों पर महत्वपूर्ण तथ्य सामने आ सकते हैं।

पुलिस अधिकारियों का कहना है कि दोबारा पोस्टमार्टम रिपोर्ट जांच के लिए बेहद अहम साबित होगी। रिपोर्ट के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। यदि किसी प्रकार की लापरवाही, संदिग्ध गतिविधि या हत्या से जुड़े तथ्य सामने आते हैं तो उनके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दरअसल, काशीपुर के कटोराताल निवासी इमरान ने नैनीताल हाईकोर्ट में याचिका दायर कर दावा किया था कि 16 मई को उनका बेटा घर की छत पर मृत अवस्था में मिला था। उसके आसपास फर्श और चादर पर खून भी फैला हुआ था। पोस्टमार्टम के बाद शव को दफना दिया गया, लेकिन परिजनों ने युवक की हत्या की आशंका जताई।

याचिका में कहा गया कि युवक के कान के नीचे चोट के निशान थे, जिससे हत्या की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर शव का दोबारा पोस्टमार्टम कराने की मांग की गई थी। मामले की सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट की एकलपीठ ने शव को कब्र से निकालकर पुनः पोस्टमार्टम कराने और रिपोर्ट अदालत में पेश करने के निर्देश दिए।

कोर्ट ने सुशीला तिवारी राजकीय मेडिकल कॉलेज, हल्द्वानी के डॉक्टरों का एक विशेष पैनल गठित करने को कहा है, जो पोस्टमार्टम कर अपनी रिपोर्ट अदालत में प्रस्तुत करेगा। मामले की अगली सुनवाई 15 जून को निर्धारित है। उससे पहले पोस्टमार्टम रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में पेश की जाएगी।

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