Champawat: जम्मू-कश्मीर के पुंछ जिले में एलओसी के पास ड्यूटी के दौरान गोली लगने से शहीद हुए अग्निवीर जवान दीपक सिंह का अंतिम संस्कार सैन्य सम्मान के साथ उनके पैतृक गांव खरही में किया गया। माता-पिता, परिजनों और सैकड़ों ग्रामीणों ने नम आंखों से वीर सपूत को अंतिम विदाई दी, जिससे पूरा क्षेत्र गमगीन हो उठा।
बीती 22 नवंबर को संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से दीपक का निधन हुआ था। सेना की अग्रिम चौकी पर दोपहर करीब ढाई बजे उन्हें 3–4 गोलियां लगी थीं, जिसके बाद उन्हें बटालियन चिकित्सा शिविर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया।
24 नवंबर को जब उनका पार्थिव शरीर गांव पहुंचा तो माहौल शोक में बदल गया। तिरंगे में लिपटे बेटे को देख माता तारी देवी फूट-फूटकर रो पड़ीं, जबकि पिता शिवराज सिंह भी सदमे में डूब गए। ग्रामीणों और रिश्तेदारों ने किसी तरह परिजनों को संभाला।
स्थानीय श्मशान घाट में सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। चचेरे भाइयों सचिन, विनोद और सूरज ने दीपक को मुखाग्नि दी।
दो साल पहले अग्निवीर के रूप में सेना में भर्ती हुए दीपक वर्तमान में पुंछ एलओसी पर तैनात थे। उनके परिवार में दो बड़ी बहनें और एक छोटा भाई है। गांव ने अपने होनहार बेटे को अश्रुपूर्ण विदाई दी और शौर्य को सलाम किया।


Chief Editor, Aaj Khabar
