Champawat: चम्पावत में साइबर अपराधियों ने जिलाधिकारी मनीष कुमार की तस्वीर का दुरुपयोग करते हुए एक फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर अधिकारियों को निशाना बनाया। इस फर्जी अकाउंट से अंग्रेजी भाषा में संदेश भेजकर संपर्क साधने की कोशिश की गई, जिससे प्रशासनिक हलकों में हड़कंप मच गया।
बुधवार को वियतनाम के +84 कोड वाले नंबर से जिले के कई अधिकारियों के मोबाइल पर संदेश आए। प्रोफाइल की जांच करने पर उसमें जिलाधिकारी की तस्वीर लगी मिली, जबकि विदेशी नंबर होने के कारण अधिकारियों को तुरंत संदेह हुआ।
वन विभाग के एसडीओ सुनील कुमार को भी इसी नंबर से ‘हैलो’ का संदेश मिला। उन्होंने बिना देर किए इसकी जानकारी डीआईओ धीरज कार्की को दी। इसके बाद संबंधित नंबर को तुरंत ब्लॉक कर दिया गया और पूरे मामले से जिलाधिकारी को अवगत कराया गया।
जिलाधिकारी मनीष कुमार ने फर्जी अकाउंट को लेकर लोगों को सतर्क करते हुए ऐसे किसी भी संदेश को नजरअंदाज करने की अपील की। उन्होंने फर्जी व्हाट्सएप प्रोफाइल का स्क्रीनशॉट अपने स्टेटस पर साझा कर अधिकारियों और आम जनता को सावधान रहने के निर्देश दिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी कार्यालय की ओर से पुलिस में प्राथमिकी दर्ज कराई गई है। पुलिस के अनुसार, प्रकरण को जांच के लिए साइबर सेल को सौंप दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले अगस्त 2024 में भी तत्कालीन जिलाधिकारी नवनीत पांडेय के नाम से फर्जी व्हाट्सएप आईडी बनाकर अधिकारियों से धनराशि मांगने का मामला सामने आया था। इसके अलावा कुछ वर्ष पूर्व पूर्व सूचना अधिकारी गिरिजा शंकर जोशी के नाम से भी इसी तरह की साइबर ठगी की कोशिश हो चुकी है, जिसमें कुछ लोग झांसे में आकर पैसे भेज चुके थे।
प्रशासन ने अधिकारियों और आम नागरिकों से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल या मैसेज पर विश्वास न करें और तुरंत संबंधित विभाग या पुलिस को इसकी सूचना दें।


Chief Editor, Aaj Khabar
