Champawat: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने टनकपुर के छीनीगोठ में आयोजित “मुख्यमंत्री सशक्त बहना उत्सव” में प्रतिभाग कर महिलाओं के आत्मविश्वास, उद्यमशीलता और पारंपरिक कौशल का उत्सव मनाया। पारंपरिक लोक संगीत और सांस्कृतिक उल्लास से सजे इस आयोजन में मुख्यमंत्री ने महिलाओं के साथ मट्ठा निर्माण, ऐंपण कला, सोल्डरिंग, धान कूटने और लौह उत्पाद निर्माण में सहभागिता की।
मुख्यमंत्री ने कहा कि महिलाओं की सक्रिय भागीदारी से ही विकसित और आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड का सपना साकार होगा। राज्य सरकार महिलाओं को न केवल सहयोग दे रही है बल्कि उन्हें आर्थिक, तकनीकी और सामाजिक रूप से सशक्त बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है।
उन्होंने कहा कि पारंपरिक कृषि, हस्तशिल्प और लोक कलाएँ प्रदेश की संस्कृति, अर्थव्यवस्था और पर्यटन से जुड़ी हैं, और महिलाएँ इन क्षेत्रों में नवाचार और उद्यमिता की मिसाल बन रही हैं। मुख्यमंत्री ने दीपावली पर्व पर “लोकल फॉर वोकल” को प्रोत्साहित करते हुए महिलाओं द्वारा निर्मित उत्पादों की खरीद को बढ़ावा देने की अपील की।
कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने स्वयं सहायता समूहों की सराहना करते हुए बताया कि प्रदेश में 70 हजार समूहों के माध्यम से 5 लाख महिलाएँ स्वरोजगार से जुड़ी हैं, जिनमें 1.65 लाख “लखपति दीदी” बन चुकी हैं। उन्होंने समान नागरिक संहिता और सरकारी सेवाओं में महिलाओं को 30 प्रतिशत आरक्षण लागू किए जाने को राज्य सरकार की ऐतिहासिक पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि “नारी शक्ति ही उत्तराखण्ड की मुस्कान और सफलता का प्रतीक है। जब महिलाएँ सशक्त होंगी, तभी परिवार, समाज और राज्य समृद्ध होगा।” उन्होंने सभी को दीपावली की शुभकामनाएँ देते हुए मातृशक्ति से आह्वान किया कि वे आत्मनिर्भर उत्तराखण्ड के निर्माण में सक्रिय भागीदारी निभाएँ।

Chief Editor, Aaj Khabar

