Dehradun: राजधानी देहरादून में शुक्रवार को आयोजित ‘मिनिस्टर कॉन्फ्रेंस ऑन सिविल एविएशन (नॉर्दर्न रीजन)’ के अंतर्गत विश्वभर की 117 कंपनियों, संस्थानों और राज्यों के प्रतिनिधियों ने नागरिक उड्डयन के क्षेत्र में आपसी समन्वय को लेकर गहन विचार-विमर्श किया। सम्मेलन में हेलीपोर्ट के विस्तार, हेलीकॉप्टर की सुरक्षा, और हवाई सेवाओं की पहुंच को सुगम बनाने पर विशेष चर्चा हुई।
बैठक में हाल ही में हुई हेलीकॉप्टर दुर्घटनाओं पर चिंता व्यक्त करते हुए सुरक्षित उड़ान प्रणाली को सुदृढ़ करने की आवश्यकता जताई गई। कंपनियों ने राज्यों से उड़ान सेवाओं के विस्तार हेतु नीति समर्थन और सब्सिडी की मांग भी रखी। इसके अलावा, ड्रोन और हेली सेवाओं के माध्यम से दुर्गम और सड़कविहीन क्षेत्रों में राहत एवं आपदा प्रबंधन की संभावनाओं को भी रेखांकित किया गया।
सम्मेलन के पैनल डिस्कशन में प्रतिनिधियों ने सुझाव दिया कि प्रत्येक राज्य में स्थायी हेलीपैड्स की संख्या बढ़ाई जानी चाहिए और हेलीकॉप्टर आधारित इमरजेंसी मेडिकल सर्विस (HEMS) को सक्रिय रूप से अपनाया जाए। इस अवसर पर उत्तराखंड के ‘प्रोजेक्ट संजीवनी’ मॉडल को एक सफल उदाहरण के रूप में प्रस्तुत किया गया, जिसे अन्य राज्यों ने सराहना दी।
कार्यक्रम में एयर इंडिया, डायमंड हॉस्पिटैलिटीज, एम्ब्रेयर, इंडोकॉप्टर्स, कारवां इंटरनेशनल एयर सर्विस, स्काई कनेक्ट, हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड, फिक्की, रिलायंस, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया सहित अनेक संस्थानों और विभिन्न राज्यों के नागरिक उड्डयन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी एवं प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
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Chief Editor, Aaj Khabar

