Dehradun: उत्तराखंड में अब पांच वर्ष तक के बच्चों को आयुष्मान योजना के तहत इलाज के लिए अलग से कार्ड बनवाने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य स्वास्थ्य प्राधिकरण ने स्पष्ट निर्देश जारी करते हुए कहा है कि आयुष्मान योजना में पंजीकृत अस्पताल माता-पिता के आयुष्मान कार्ड पर ही बच्चों का इलाज करेंगे।
इस फैसले से प्रदेश के हजारों परिवारों को राहत मिलेगी, लेकिन साथ ही अब स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि आयुष्मान योजना में पंजीकृत अस्पतालों द्वारा इलाज के स्तर में सुधार जरूरी है, ताकि इलाज के बावजूद बच्चों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से अपेक्षा की जा रही है कि वे नियमित रूप से अस्पतालों की निगरानी करें। इलाज की विधियों और प्रक्रियाओं पर ध्यान दें, और यह सुनिश्चित करें कि नियमों का पालन हो रहा है। साथ ही यह भी सुझाव दिया गया है कि अस्पतालों में गुप्त निरीक्षण किए जाएं, ताकि किसी भी प्रकार की अनियमितता या लापरवाही को समय रहते रोका जा सके। शिकायत की प्रतीक्षा किए बिना सक्रिय रूप से गुणवत्ता सुनिश्चित करने की जरूरत बताई गई है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

