Dehradun: उत्तराखंड में लगातार हो रही बारिश ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। सोमवार देर रात सहस्रधारा क्षेत्र के कार्डीगाड़ में बादल फटने से भारी तबाही मच गई। घटना के बाद मलबा मुख्य बाजार में घुस आया, जिससे दो से तीन बड़े होटल और सात से आठ दुकानें क्षतिग्रस्त हो गईं। ग्राम प्रधान राकेश जवाड़ी ने बताया कि स्थानीय लोगों की तत्परता से करीब 100 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया, हालांकि 1-2 लोगों के लापता होने की आशंका है।
आपदा नियंत्रण कक्ष से मिली जानकारी के अनुसार, राहत कार्यों के लिए एसडीआरएफ और फायर ब्रिगेड की टीमें भेजी गईं, लेकिन भारी मलबा और अवरुद्ध रास्तों के कारण समय पर मौके पर नहीं पहुंच सकीं। लोक निर्माण विभाग की मशीनों से मार्ग खोलने का प्रयास किया जा रहा है।
इधर मसूरी में देर रात भारी बारिश के चलते मजदूरों की एक बस्ती पर मलबा गिर गया, जिसमें एक मजदूर की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक गंभीर रूप से घायल है।
देहरादून में तमसा नदी उफान पर है और टपकेश्वर मंदिर परिसर जलमग्न हो गया है। शिवलिंग तक पानी में डूब गया, जिसके बाद प्रशासन ने एहतियातन मंदिर को खाली कराया। आईटी पार्क क्षेत्र के पास भी भारी मलबा आने से सॉन्ग नदी का जलस्तर बढ़ गया। रायपुर थाना प्रभारी गिरीश नेगी ने बताया कि घटनास्थल पर पुलिस बल, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमें तैनात कर दी गई हैं।
प्रशासन ने नदी किनारे रहने वाले लोगों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की है। मौसम विभाग ने खराब मौसम को देखते हुए अलर्ट जारी किया है।

Chief Editor, Aaj Khabar
