Dehradun: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून के मसूरी रोड स्थित झड़ीपानी क्षेत्र में मंगलवार को हुए भीषण सड़क हादसे में मृतकों की संख्या चार हो गई है। एक कार के अनियंत्रित होकर गहरी खाई में गिर जाने से वाहन में सवार सभी चार लोगों की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस, राज्य आपदा प्रतिवादन बल (एसडीआरएफ), फायर सर्विस और अन्य बचाव एजेंसियों की टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और संयुक्त रूप से राहत एवं बचाव अभियान शुरू किया गया।
पुलिस के अनुसार 10 जून 2026 को झड़ीपानी क्षेत्र में एक कार अचानक नियंत्रण खो बैठी और सड़क से नीचे सैकड़ों फीट गहरी खाई में जा गिरी। दुर्घटना इतनी गंभीर थी कि वाहन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। स्थानीय लोगों द्वारा घटना की सूचना पुलिस नियंत्रण कक्ष को दी गई, जिसके बाद प्रशासनिक और बचाव दलों को तत्काल मौके पर रवाना किया गया।
डीसीआर देहरादून से सूचना प्राप्त होने पर एसडीआरएफ की टीम पोस्ट सहस्त्रधारा से अपर उप निरीक्षक मनोज जोशी के नेतृत्व में घटनास्थल पर पहुंची। पहाड़ी क्षेत्र होने के कारण राहत एवं बचाव कार्य काफी चुनौतीपूर्ण रहा। खाई अत्यंत गहरी और दुर्गम होने के चलते बचावकर्मियों को रस्सियों और विशेष उपकरणों की सहायता से नीचे उतरना पड़ा। कई घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद चारों शवों को खाई से निकालकर मुख्य सड़क तक पहुंचाया गया।
पुलिस द्वारा जारी जानकारी के अनुसार मृतकों की पहचान सत्यप्रकाश निवासी सोनीपत, हरियाणा, मानित (19 वर्ष) निवासी गाजियाबाद, सविता (48 वर्ष) पत्नी धर्मवीर निवासी गाजियाबाद तथा संगीता (46 वर्ष) पत्नी टीटू निवासी करोलबाग, दिल्ली के रूप में हुई है। सभी मृतकों के परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
प्रारंभिक जांच में माना जा रहा है कि वाहन चालक का नियंत्रण खोने के कारण दुर्घटना हुई, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। वाहन की तकनीकी स्थिति, सड़क की दशा और दुर्घटना के समय की परिस्थितियों की भी जांच की जा रही है। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत जांच रिपोर्ट आने के बाद ही हादसे के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा।
मसूरी रोड और विशेष रूप से झड़ीपानी क्षेत्र पहाड़ी मोड़ों, तीव्र ढलानों और गहरी खाइयों के लिए जाना जाता है। पर्यटन सीजन के दौरान इस मार्ग पर वाहनों का दबाव भी काफी बढ़ जाता है। मानसून से पहले और बरसात के दौरान सड़कें फिसलन भरी हो जाती हैं, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा और बढ़ जाता है। प्रशासन समय-समय पर वाहन चालकों से सावधानी बरतने, निर्धारित गति सीमा का पालन करने और पहाड़ी मार्गों पर सतर्कता से वाहन चलाने की अपील करता रहा है।
उत्तराखंड में हर वर्ष बड़ी संख्या में पर्यटक और स्थानीय लोग पहाड़ी सड़कों पर यात्रा करते हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि पहाड़ी क्षेत्रों में वाहन चलाते समय ओवरस्पीडिंग, थकान, खराब मौसम और सड़क सुरक्षा नियमों की अनदेखी अक्सर गंभीर दुर्घटनाओं का कारण बनती है। ऐसे में यात्रियों को सीट बेल्ट का उपयोग करने, वाहन की तकनीकी जांच सुनिश्चित करने और जोखिम भरे मोड़ों पर विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है।
फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा हादसे से जुड़े सभी तथ्यों की जांच की जा रही है। इस दर्दनाक दुर्घटना ने मृतकों के परिजनों को गहरा सदमा पहुंचाया है, जबकि क्षेत्र में शोक का माहौल है। प्रशासन ने मृतकों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त करते हुए हर संभव सहायता का आश्वासन दिया है।


Chief Editor, Aaj Khabar
