Dehradun: नशा तस्करी के खिलाफ देशव्यापी अभियान को और तेज करते हुए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने देहरादून में करीब 236 करोड़ रुपये मूल्य के 303 किलोग्राम से अधिक जब्त मादक पदार्थों को वैज्ञानिक प्रक्रिया के तहत नष्ट कर दिया। विशेष भट्ठी (इंसिनरेटर) में की गई इस कार्रवाई को उत्तराखंड ही नहीं बल्कि पूरे देश में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। एनसीबी के अनुसार नष्ट किए गए मादक पदार्थ विभिन्न मामलों में जब्त किए गए थे और कानूनी प्रक्रिया पूरी होने के बाद इन्हें पर्यावरणीय मानकों का पालन करते हुए नष्ट किया गया।
यह कार्रवाई ऐसे समय में हुई है जब देशभर में मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ केंद्र सरकार और केंद्रीय एजेंसियां व्यापक अभियान चला रही हैं। हाल के वर्षों में एनसीबी और अन्य प्रवर्तन एजेंसियों ने हजारों करोड़ रुपये मूल्य के नशीले पदार्थ जब्त किए हैं तथा बड़ी मात्रा में जब्त ड्रग्स को नष्ट भी किया है। वर्ष 2025 में एनसीबी ने देशभर में लगभग 1.3 लाख किलोग्राम अवैध मादक पदार्थ जब्त किए, जिनकी अनुमानित कीमत करीब 2,000 करोड़ रुपये थी। इस दौरान 994 तस्करों को गिरफ्तार किया गया और कई अंतरराष्ट्रीय ड्रग सिंडिकेट्स के नेटवर्क को ध्वस्त किया गया।

एनसीबी की ड्रग डिस्पोजल नीति का उद्देश्य केवल जब्त सामग्री को नष्ट करना नहीं, बल्कि यह सुनिश्चित करना भी है कि कोई भी मादक पदार्थ दोबारा अवैध बाजार में न पहुंच सके। इसी नीति के तहत विभिन्न राज्यों में समय-समय पर ड्रग डिस्पोजल अभियान चलाए जाते हैं। हाल ही में दिल्ली, बेंगलुरु और अन्य शहरों में भी करोड़ों रुपये मूल्य के मादक पदार्थों को कानूनी प्रक्रिया के बाद नष्ट किया गया था।
विशेषज्ञों का मानना है कि उत्तराखंड जैसे पर्यटन और सीमावर्ती राज्यों में ड्रग्स तस्करी की चुनौती लगातार बढ़ रही है। ऐसे में देहरादून में हुई यह कार्रवाई न केवल तस्करों के लिए चेतावनी है बल्कि युवाओं को नशे से बचाने के लिए सरकार की प्रतिबद्धता का भी प्रतीक है। एनसीबी ने स्पष्ट किया है कि मादक पदार्थों के अवैध कारोबार के प्रति ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति जारी रहेगी और ड्रग नेटवर्क से जुड़े लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
ब्यूरो ने आम नागरिकों से भी अपील की है कि यदि उन्हें कहीं नशीले पदार्थों की खरीद-फरोख्त, तस्करी या संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिले तो वे मानस राष्ट्रीय नारकोटिक्स हेल्पलाइन 1933 पर सूचना दें। एजेंसी ने आश्वस्त किया है कि सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
