Dehradun: नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने उत्तराखंड की भाजपा सरकार पर अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज की योजनाओं की घोर उपेक्षा करने का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि सरकार की लापरवाही के चलते अनुसूचित जाति उप योजना (SCSP) और अनुसूचित जनजाति उप योजना (TSP) का करोड़ों रुपये का बजट लैप्स हो गया, जो सामाजिक न्याय के साथ बड़ा विश्वासघात है।
यशपाल आर्य ने कहा कि 31 मार्च 2026 को समाज कल्याण विभाग के तहत SCSP का करीब 51 करोड़ रुपये और TSP का लगभग 3 करोड़ रुपये का बजट खर्च न होने के कारण लैप्स हो गया। उन्होंने आरोप लगाया कि यह केवल प्रशासनिक चूक नहीं बल्कि अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के विकास को रोकने की सुनियोजित साजिश प्रतीत होती है।
उन्होंने बताया कि वित्तीय वर्ष 2025-26 में अनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में सड़क, पेयजल, सामुदायिक भवन, शिक्षा, स्वास्थ्य और अन्य मूलभूत सुविधाओं के विकास के लिए लगभग 60 करोड़ रुपये निर्धारित किए गए थे। लेकिन सरकार की उदासीनता के कारण केवल 9 करोड़ रुपये की योजनाएं ही जिलों तक पहुंच सकीं, जबकि शेष 51 करोड़ रुपये समय पर जारी न होने के कारण लैप्स हो गए।
नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि भाजपा सरकार की नीयत पर गंभीर सवाल खड़े होते हैं, क्योंकि विधानसभा से पारित बजट का लगभग 90 प्रतिशत हिस्सा खर्च ही नहीं किया गया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार के समय SC-ST बहुल क्षेत्रों के विकास के लिए करीब 100 करोड़ रुपये का बजट सुनिश्चित किया जाता था, लेकिन भाजपा सरकार ने पहले बजट घटाया और अब उसी में से बड़ी धनराशि लैप्स करा दी।
यशपाल आर्य ने मांग की कि लैप्स हुए बजट को विशेष स्वीकृति देकर दोबारा जारी किया जाए, पूरे मामले की उच्चस्तरीय जांच हो और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने अनुसूचित जाति एवं जनजाति समाज के अधिकारों के साथ खिलवाड़ बंद नहीं किया तो कांग्रेस सड़क से सदन तक बड़ा आंदोलन करेगी।

Chief Editor, Aaj Khabar
