Dehradun: गौरीकुंड केदारनाथ पैदल मार्ग पर अस्थाई दुकानदारों को हटाने के प्रयासों के खिलाफ नेता प्रतिपक्ष यशपाल आर्य ने कड़ा विरोध दर्ज किया है। उन्होंने जिला प्रशासन पर आरोप लगाया कि वह गरीब, कमजोर वर्ग और महिलाओं सहित 9 स्थानीय अस्थाई दुकानदारों को उजाड़ने की कोशिश कर रहा है।
नेता प्रतिपक्ष ने एक वायरल वीडियो का हवाला देते हुए बताया कि उसमें एक अधिकारी दुकानों को तोड़ते हुए नजर आ रहा है, जबकि एक अधेड़ महिला अपने दुकान को बचाने के लिए उस अधिकारी के पैरों में गिरकर विनती करती दिख रही है। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक देश में ऐसे दृश्य सामंती युग की याद दिलाते हैं और यह बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है।
उन्होंने दावा किया कि उपलब्ध दस्तावेजों के अनुसार इन दुकानों का आबंटन जिला प्रशासन ने अपनी तय प्रक्रिया के तहत किया था। प्रत्येक दुकानदार से ₹6000 शुल्क लेकर दुकान लगाने का स्थान चिन्हित कर उन्हें अनुमति दी गई थी, और वे कई वर्षों से इसी स्थान पर दुकान लगा रहे हैं। साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि एक समिति ने इन दुकानदारों से ₹2000 की अवैध वसूली भी की है।
यशपाल आर्य ने बताया कि अप्रैल माह में जब इन दुकानदारों को दुकानें आबंटित की गईं, तो उन्होंने कर्ज लेकर सामान मंगवाया और दुकानें सजाईं, लेकिन अगले ही दिन तहसीलदार दुकान हटाने पहुंच गए। उन्होंने यह भी कहा कि प्रशासन अभी भी दुकानदारों को धमकी दे रहा है कि उनकी दुकानें हटाई जाएंगी।
नेता प्रतिपक्ष ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन अपनी तय प्रक्रिया पूरी करने के बावजूद दुकानों को हटाने की कार्रवाई करता है, तो इसका विरोध मौके पर जाकर किया जाएगा और साथ ही कानूनी लड़ाई भी लड़ी जाएगी।
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Chief Editor, Aaj Khabar
