Haldwani: ‘अभिव्यक्ति कार्यशाला’ के वार्षिक आयोजन ‘आवाहन–2025’ में उत्तराखंड की लोक परंपराओं, रंगमंच और सिनेमा का अनूठा संगम देखने को मिला। तीन दिवसीय आयोजन का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन के साथ पूर्व मुख्यमंत्री भगत सिंह कोश्यारी, दिल्ली विधानसभा उपाध्यक्ष मोहन सिंह बिष्ट, उत्तराखंड प्रवासी परिषद उपाध्यक्ष पूरन चंद्र नैलवाल सहित कई गणमान्य अतिथियों ने किया।
पहले सत्र में लोक विधाओं के मर्मज्ञ स्व. जुगल किशोर पेटशाली के नाटक ‘चैपुरा महल’ का मंचन हुआ, जिसका निर्देशन चारु तिवारी ने किया। दूसरे सत्र में ‘हिमाद्रि प्रोडक्शंस’ द्वारा निर्मित फिल्म ‘बाला गोरिया’ का टीजर लॉन्च किया गया। यह फिल्म उत्तराखंड के लोक देवता गोलज्यू के जीवन पर आधारित है, जिसे अप्रैल 2025 में रिलीज किया जाएगा। फिल्म के निर्देशक व निर्माता मनोज चंदोला ने इसकी परिकल्पना और श्रृंखला की जानकारी दी।
अंतिम सत्र में कल्पना चौहान, आशा नेगी, भुवन रावत, सत्यम तेजवान और रोहित चौहान ने लोक संगीत की प्रस्तुतियों से दर्शकों को झूमने पर मजबूर कर दिया।
‘अभिव्यक्ति कार्यशाला सम्मान–2025’ के तहत डॉ. सतीश कालेश्वरी और श्रीमती लक्ष्मी रावत को रंगमंच, शंकर सिंह बिष्ट को समाजसेवा, उमेश पंत को शिक्षा और सामाजिक योगदान, तथा ‘यंग उत्तराखंड’ संस्था को सिनेमा और संस्कृति के क्षेत्र में योगदान हेतु सम्मानित किया गया।
कार्यक्रम में लगभग 700 दर्शकों की मौजूदगी में पूरा प्रेक्षागृह लोकगीतों और जयकारों से गूंज उठा, जब ‘बाला गोरिया’ के उद्घोष ने माहौल को भक्ति और उत्सव से भर दिया।

Chief Editor, Aaj Khabar

