Haldwani- गौलापार। उत्तराखंड को झकझोर देने वाले सात वर्षीय मासूम अमित मौर्या हत्याकांड का पुलिस ने मात्र पांच दिन में सनसनीखेज खुलासा कर दिया। एसएसपी प्रहलाद नारायण मीणा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी कोई और नहीं, बल्कि मृतक का पड़ोसी निकला, जिसने घिनौनी मंशा के तहत वारदात को अंजाम दिया।
घटना 5 दिन पहले की है, जब अमित अपने घर के पास खेलते समय अचानक लापता हो गया था। अगले दिन पास के खेत में एक बोरे से उसका धड़ बरामद हुआ, जबकि सिर और हाथ गायब थे। इस निर्मम हत्या ने पूरे इलाके को सदमे और आक्रोश में डाल दिया। स्थानीय लोगों ने कैंडल मार्च और प्रदर्शन कर पुलिस पर शीघ्र कार्रवाई का दबाव बनाया।
मामले की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी मीणा के नेतृत्व में स्पेशल खुफिया टीम गठित की गई। जांच में सीसीटीवी फुटेज, डॉग स्क्वॉड, ड्रोन, एफएसएल रिपोर्ट और मनोचिकित्सक डॉ. युवराज पंत की मदद ली गई। आरोपी बार-बार तांत्रिक क्रियाओं का हवाला देकर पुलिस को गुमराह करने की कोशिश करता रहा, लेकिन पुलिस के तगड़े सबूतों के आगे उसकी चाल नाकाम रही।
9 अगस्त को आरोपी निखिल जोशी (38) से गहन पूछताछ में उसने अपराध कबूल कर लिया। उसकी निशानदेही पर बीती रात पुलिस ने मासूम का सिर, कटा हुआ हाथ और चप्पल बरामद कर लिए। पुलिस के अनुसार आरोपी अशिक्षित होते हुए भी अपराध छिपाने के तरीकों में शातिर था। उसने पहले बच्चे का गला दबाकर हत्या की और फिर सबूत मिटाने के लिए सिर व हाथ काटकर अलग कर दिए।
पुलिस की इस सफलता पर आईजी कुमाऊं ने जांच टीम को ₹5,000 और एसएसपी नैनीताल ने ₹2,500 का इनाम देने की घोषणा की। आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई जारी है।

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Chief Editor, Aaj Khabar

