Uttarakhand: मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने धराली रेस्क्यू ऑपरेशन की जानकारी देते हुए कहा कि राज्य सरकार की प्राथमिकता आपदा प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाना रही है। खराब मौसम के बावजूद अब तक एक हजार से अधिक लोगों को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है, जिनमें स्थानीय नागरिकों के साथ देशभर से आए तीर्थ यात्री भी शामिल हैं। घायलों को जिला अस्पताल और एम्स में भर्ती कर उपचार की समुचित व्यवस्था की गई है। हर्षिल और धराली क्षेत्र में दवाइयां, दूध, राशन और कपड़े पहुंचाए गए हैं।
मुख्यमंत्री ने बताया कि हर्षिल क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बहाल करने के लिए उरेडा का पावर हाउस चालू किया गया है और यूपीसीएल द्वारा बिजली लाइनों की मरम्मत जारी है। मोबाइल कनेक्टिविटी सुधारी गई है और 125 केवी के दो जनरेटर सेट आपदा क्षेत्र में भेजे गए हैं। हर्षिल की सड़क कनेक्टिविटी बहाल करने का कार्य तेज गति से जारी है, गंगनानी में बेली ब्रिज का निर्माण भी प्रगति पर है। उन्होंने कहा कि मंगलवार तक हर्षिल तक सड़क मार्ग पूरी तरह बहाल होने की संभावना है, जिसके बाद अन्य कार्य भी तेजी से पूरे किए जाएंगे।
मुख्यमंत्री ने घोषणा की कि प्रभावित परिवारों को राज्य सरकार अगले छह महीने का राशन उपलब्ध कराएगी। जिनके मकान पूरी तरह क्षतिग्रस्त या नष्ट हुए हैं, उन्हें ₹5 लाख की तत्काल सहायता राशि दी जाएगी। पुनर्वास एवं विस्थापन के लिए सचिव, राजस्व की अध्यक्षता में तीन सदस्यीय समिति गठित की गई है, जो प्रभावितों की क्षति का आकलन कर कार्रवाई करेगी। सेब के बगीचों को हुए नुकसान का भी सर्वे किया जाएगा।
धामी ने कहा कि धराली के साथ-साथ पौड़ी जनपद के सैंजी और बांकुड़ा गांव में क्षतिग्रस्त घरों के लिए भी ₹5 लाख तक की सहायता दी जाएगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि प्रदेश में जहां भी आपदा से नुकसान हुआ है, वहां सरकार हर संभव मदद करेगी। मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने राज्य सरकार को हरसंभव सहायता देने का आश्वासन दिया है और केंद्र सरकार का पूरा सहयोग मिल रहा है।
For latest news updates click here
For English news updates click here

Chief Editor, Aaj Khabar

