Haldwani: आयुक्त/सचिव एवं मा. मुख्यमंत्री प्रतिनिधि दीपक रावत ने सोमवार को सुशीला तिवारी स्टेट कैंसर चिकित्सालय के निर्माणाधीन परिसर का निरीक्षण किया। यह संस्थान 39 करोड़ रुपये की लागत से प्रदेश का सबसे बड़ा अत्याधुनिक कैंसर अस्पताल बनने की दिशा में अग्रसर है।
निरीक्षण के दौरान उन्होंने ओपीडी/ओटी ब्लॉक, वार्ड ब्लॉक, सर्विस ब्लॉक, रेडियो डायग्नोसिस, लैब ब्लॉक, मौजूदा रेडियोथेरेपी, न्यूक्लियर मेडिसिन विभाग एवं बायो-मेडिकल वेस्ट ट्रीटमेंट प्लांट का गहन अवलोकन किया। उन्होंने निर्देश दिए कि निर्माण कार्यों के दौरान सभी चिकित्सा आवश्यकताओं की पूर्ति सुनिश्चित की जाए ताकि भविष्य में कोई कमी न रह जाए।
दीपक रावत ने कहा कि इस अस्पताल के शुरू होने से कैंसर मरीजों को दिल्ली जैसे दूरस्थ शहरों में इलाज के लिए नहीं जाना पड़ेगा। उन्होंने बताया कि आयुष्मान भारत योजना के साथ-साथ आम नागरिकों को भी सस्ती दरों पर चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध होंगी।
परियोजना के पहले चरण में विभिन्न इमारतों का निर्माण और आंतरिक ढांचागत कार्य प्रगति पर हैं। वहीं द्वितीय चरण की प्रशासनिक प्रक्रियाएं जारी हैं, जिनके लिए प्रस्ताव संबंधित विभागों को भेजे जा चुके हैं।
निरीक्षण के दौरान विशेषज्ञ चिकित्सकों की कमी का मुद्दा भी सामने आया, जिसे आयुक्त ने गंभीरता से लिया। अस्पताल प्रशासन ने बताया कि रिक्त पदों की पूर्ति हेतु प्रस्ताव राज्य सरकार को भेजा गया है।
ओपीडी ब्लॉक में ग्राउंड व फर्स्ट फ्लोर पर बोन मैरो ट्रांसप्लांट यूनिट, ओटी ब्लॉक, जबकि सेकंड फ्लोर पर 20 बेड का आईसीयू, स्टाफ पैंट्री और निजी कक्ष प्रस्तावित हैं। वहीं वार्ड ब्लॉक में इमरजेंसी वार्ड, डे-केयर सेंटर और जनरल वार्ड की विस्तृत योजना बनाई गई है।
परियोजना में अग्निशमन, एचवीएसी, मेडिकल गैस, विद्युत व प्लंबिंग व्यवस्थाओं के साथ रैंप, लिफ्ट, यूजी टैंक, एसटीपी एवं ईटीपी का भी समावेश है। मरीजों एवं परिजनों की सुविधा के लिए रैन बसेरा और पर्याप्त वाहन पार्किंग की व्यवस्था की गई है।
निरीक्षण के दौरान प्राचार्य डॉ. अरुण कुमार जोशी, एसडीएम राहुल साह, जनसम्पर्क अधिकारी आलोक उप्रेती, परियोजना प्रबंधक आकाशदीप भट्ट, इंजीनियर रोहित नरियाल सहित चिकित्सकीय टीम मौजूद रही।
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Chief Editor, Aaj Khabar


