Haldwani: उत्तराखंड के पूर्व मुख्यमंत्री और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हरीश रावत सोमवार को अपनी “कुमाऊं न्याय यात्रा” के तहत हल्द्वानी पहुंचे और काली कुमाऊं की ओर रवाना हुए। उन्होंने कहा कि वह चंपावत स्थित गोल्ज्यू देवता के दरबार में जाकर अन्याय के खिलाफ न्याय की गुहार लगाएंगे। रावत ने कहा कि कांग्रेस अब पूरे देश में “न्याय की लड़ाई” लड़ेगी और इसकी शुरुआत देवभूमि उत्तराखंड से की जा रही है।
रावत ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा हमला करते हुए आरोप लगाया कि पार्टी ने 2017 और 2022 के विधानसभा चुनावों में झूठे वादों और भ्रामक मुद्दों के सहारे सत्ता हासिल की। उन्होंने कहा कि मुस्लिम यूनिवर्सिटी और नमाज की छुट्टी जैसे मुद्दों को उछालकर जनता को गुमराह किया गया, जबकि आज कांग्रेस खुद अन्याय का शिकार बनी हुई है।
अपनी यात्रा को “संस्कृतिक दर्शन यात्रा” करार देते हुए हरीश रावत ने कहा कि वह काली कुमाऊं के लोगों को भाजपा के झूठ से अवगत कराएंगे और गोल्ज्यू देवता से प्रार्थना करेंगे कि कांग्रेस को इतनी ताकत मिले कि वह झूठ का पर्दाफाश कर सके।
इस दौरान रावत ने हल्द्वानी के गौलापुल के पास क्षतिग्रस्त टनकपुर-सितारगंज मार्ग का औचक निरीक्षण भी किया। उन्होंने निर्माण कार्य की धीमी गति पर नाराजगी जताई और जिला प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल उठाए। उल्लेखनीय है कि पिछले साल भारी बारिश से इस क्षेत्र की सड़कें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई थीं, जिससे गौलापार, सितारगंज और टनकपुर की आवाजाही प्रभावित हुई है। पीडब्ल्यूडी वैकल्पिक मार्ग का निर्माण कर रहा है, जिसके लिए 100 से अधिक शीशम के पेड़ों की कटाई की जा चुकी है।
हरीश रावत ने चेतावनी दी कि यदि मानसून से पहले मरम्मत नहीं हुई, तो हालात और बिगड़ सकते हैं। उन्होंने इस मुद्दे पर मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बात करने की बात भी कही।
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Chief Editor, Aaj Khabar
