Haldwani: कुमाऊँ परिक्षेत्र में बढ़ते साइबर ठगी और भूमि धोखाधड़ी के मामलों को गंभीरता से लेते हुए पुलिस महानिरीक्षक रिद्धिम अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने हल्द्वानी स्थित आईजी कैंप कार्यालय में क्षेत्र के विभिन्न थानों में पंजीकृत संवेदनशील अभियोगों की विस्तृत समीक्षा कर त्वरित व प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए।
आईजी रिद्धिम अग्रवाल ने स्पष्ट किया कि तकनीकी साक्ष्यों का सटीक संकलन, ठगी गई धनराशि की शीघ्र रिकवरी तथा अपराधियों की संपत्ति जब्ती सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि प्रत्येक मामले में गुण-दोष के आधार पर निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण विवेचना सुनिश्चित की जाए, ताकि अपराधियों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई हो सके।
साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए आईजी ने स्कूलों और कॉलेजों में साइबर जागरूकता अभियानों को तेज करने के निर्देश दिए। साथ ही विद्यार्थियों के माध्यम से परिवार के बुजुर्ग सदस्यों को साइबर ठगी के तरीकों और बचाव के उपायों से अवगत कराने पर जोर दिया।
भूमि धोखाधड़ी के मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कदम उठाने के निर्देश देते हुए आईजी ने कहा कि ऐसे आरोपियों की जानकारी एकत्र कर उनकी संपत्ति जब्ती की कार्रवाई की जाए। रजिस्टार कार्यालयों में संबंधित व्यक्तियों की जानकारी जनता के लिए उपलब्ध कराई जाएगी। बीएनएस की धारा 107 के तहत अपराधियों की संपत्ति जब्त कर पीड़ितों को मुआवजा दिलाने की प्रक्रिया को भी प्राथमिकता दी जाएगी।
नीलांचल कॉलोनी डहरिया निवासी प्रकाश चंद्र उप्रेती से पॉलिसी की धनराशि निकालने के नाम पर अज्ञात कॉल कर 3,97,200 रुपये विभिन्न खातों में जमा कराकर हड़प लिए गए। वहीं तपस्या विहार कॉलोनी, गंगापुर रोड, ट्रांजिट कैंप निवासी हर्षवर्धन कुमार शर्मा को लिंक भेजकर मुनाफे का लालच दिया गया और उनसे ऑनलाइन 9,57,000 रुपये की ठगी की गई।
भूमि धोखाधड़ी के मामलों में भवाली क्षेत्र के ग्राम बसगांव में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर 13 नाली 7 मुठ्ठी भूमि की रजिस्ट्री कर ली गई, जबकि बाजपुर के ग्राम हरिपुरा में मृतक पिता की संपत्ति तीसरे पक्ष को बेच दी गई।
साइबर ठगी के अधिकांश मामलों में यह सामने आ रहा है कि लोग लालच में आकर अपनी बैंकिंग जानकारी साझा कर देते हैं या लापरवाही के कारण ठगों का शिकार बन जाते हैं। जानकारों के अनुसार, इन मामलों में पढ़े-लिखे लोग भी बड़ी संख्या में ठगी की चपेट में आ रहे हैं, हाल ही में जिले में एक शिक्षाविद के साथ भी ऐसा मामला सामने आया है।

Chief Editor, Aaj Khabar
