Haldwani: सेना में रहते हुए देश के लिए तीरंदाजी में कई पदक जीतने वाले सेवानिवृत्त मेजर प्रकाश चंद्र भट्ट अब युवाओं को इस खेल में प्रशिक्षित करने का संकल्प लेकर आगे आए हैं। मूल रूप से बागेश्वर जिले के कपकोट क्षेत्र के निवासी और वर्तमान में हल्द्वानी के पीलीकोठी में रहने वाले मेजर भट्ट ने खेल अधिकारी से मुलाकात कर हल्द्वानी स्टेडियम में तीरंदाजी कैंप शुरू करने का आग्रह किया है। उनका कहना है कि कुमाऊं क्षेत्र में खेल विभाग की ओर से तीरंदाजी का कोई कैंप उपलब्ध नहीं है, जिसके चलते खिलाड़ियों को निजी एकेडमियों में भारी खर्च कर प्रशिक्षण लेना पड़ता है।
मेजर भट्ट वर्ष 1996 में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हुए थे और बाद में लांस नायक, सूबेदार और फिर मेजर (आनरेरी कैप्टन) के पद से सेवानिवृत्त हुए। अपने सैन्य करियर में वे एनएसजी कमांडो, आर्मी कमांडर के एडीसी और राष्ट्रीय राइफल्स जैसे प्रतिष्ठित यूनिट्स का हिस्सा रहे। जम्मू-कश्मीर और चीन सीमा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में भी उन्होंने सेवाएं दीं। तीरंदाजी में उन्होंने सीनियर नेशनल स्पर्धा में स्वर्ण और कांस्य पदक जीतकर देश का नाम रोशन किया।
अब सेवानिवृत्ति के बाद वे चाहते हैं कि हल्द्वानी में युवाओं को तीरंदाजी की उचित और सुलभ ट्रेनिंग दी जाए। जिला क्रीड़ाधिकारी निर्मला पंत का कहना है कि यदि मेजर भट्ट किसी जनप्रतिनिधि के माध्यम से शासन से कैंप की अनुमति की मांग करेंगे, तो इस पर सकारात्मक निर्णय लिया जा सकता है। फिलहाल उत्तराखंड में देहरादून और कोटद्वार जैसे कुछ ही स्थानों पर तीरंदाजी प्रशिक्षण उपलब्ध है, ऐसे में हल्द्वानी में इस तरह का कैंप युवाओं के लिए बड़ा अवसर साबित हो सकता है।
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Chief Editor, Aaj Khabar

