Haldwani: उत्तराखंड राज्य गठन के 25 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर राज्य आंदोलनकारियों ने 6 नवंबर को रामनगर में सम्मेलन आयोजित करने का निर्णय लिया है। सम्मेलन में राज्य की दशा-दिशा पर गहन विमर्श किया जाएगा। हल्द्वानी स्थित लोक निर्माण विभाग विश्रामगृह में वरिष्ठ आंदोलनकारी खड़क सिंह बगड़वाल की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में आंदोलनकारियों ने राज्य की अधूरी अवधारणा पर गहरी चिंता व्यक्त की।
बैठक में कहा गया कि 25 वर्ष बीतने के बाद भी राजधानी, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पलायन जैसी बुनियादी समस्याएं जस की तस बनी हुई हैं। वरिष्ठ आंदोलनकारी भुवन चंद्र जोशी ने कहा कि जब राज्य की स्थायी राजधानी तक तय नहीं हो पाई, तो अन्य मुद्दों के समाधान की उम्मीद कैसे की जा सकती है। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री के आश्वासन के बावजूद राज्य आंदोलनकारियों की मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
आंदोलनकारियों ने सरकार से मांग की है कि राज्य आंदोलनकारियों को स्वतंत्रता सेनानियों की तरह सभी सुविधाएं दी जाएं। साथ ही 10 प्रतिशत क्षैतिज आरक्षण का लाभ आंदोलनकारियों और उनके आश्रितों को वास्तविक रूप से मिले। उन्होंने चिन्हीकरण से वंचित आंदोलनकारियों के लिए पुनः अवसर देने की भी मांग रखी।
बैठक में निर्णय लिया गया कि 6 नवंबर को रामनगर में आयोजित सम्मेलन में प्रदेशभर के राज्य आंदोलनकारी एकजुट होकर आगे की रणनीति तय करेंगे। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी को भी सम्मेलन में आमंत्रित किया जाएगा।
बैठक में खड़क सिंह बगड़वाल, प्रभात ध्यानी, भुवन चंद्र जोशी, केदार पलड़िया, पुष्कर दुर्गापाल, इंदर सिंह मनराल, योगेश सती, बालम सिंह बिष्ट, दीप चंद्र त्रिपाठी, और कई अन्य वरिष्ठ आंदोलनकारी उपस्थित रहे।

Chief Editor, Aaj Khabar
